नैक घूसखोरी केस: गिरफ्तारी के बाद जेएनयू प्रोफेसर राजीव सिजारिया सस्पेंड, मान्यता के लिए रिश्वत के मामले में बड़ी कार्यवाही
- Pradeep Sharma
- 04 Feb, 2025
NAAC bribery case: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने प्रोफेसर राजीव सिजारिया को निलंबित कर दिया है, जिन्हें राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC- नैक) से जुड़े रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
नई दिल्ली। NAAC bribery case: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने प्रोफेसर राजीव सिजारिया को निलंबित कर दिया है, जिन्हें राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC- नैक) से जुड़े रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले में दर्ज एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तार सिजारिया, नैक रिश्वत मामले में हिरासत में लिए गए 10 लोगों में शामिल हैं। बता दें कि सिजारिया 2020 में पूर्व कुलपति एम. जगदीश कुमार के कार्यकाल में जेएनयू में शामिल हुए थे।
NAAC bribery case: जेएनयू की कुलपति शांतिश्री पंडित द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है, ‘राजीव सिजारिया… को केएलईएफ को अनुकूल ए++ नैक मान्यता रेटिंग दिलाने के लिए रिश्वतखोरी के आरोपों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में प्रथमदृष्टया संलिप्त पाया गया है… अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए… सिजारिया को सीबीआई जांच/निष्कर्षों और विभागीय जांच के नतीजे आने तक विश्वविद्यालय की सेवाओं से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
NAAC bribery case: सीबीआई की एफआईआर में दावा किया गया है कि, बातचीत के बाद केएलईएफ के शीर्ष अधिकारियों ने कथित तौर पर टीम के अध्यक्ष के लिए 10 लाख रुपए, प्रत्येक सदस्य के लिए 3 लाख रुपए और एक सदस्य की पत्नी के लिए लैपटॉप और यात्रा व्यय जैसे अतिरिक्त भत्ते स्वीकार करने पर सहमत हो गए। एफआईआर में कहा गया है कि सिजारिया ने सौदे में मदद की और शुरू में अपने लिए 1.3 करोड़ रुपए की मांग की, अंततः 28 लाख रुपए पर समझौता हुआ।

