Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

Bengal Elections : वोटरों और SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे लोगों को भी मिलेगा वोट का अधिकार

Dev Verma
Bengal Elections : वोटरों और SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे लोगों को भी मिलेगा वोट का अधिकार
X

Bengal Elections : नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि SIR ट्रिब्यूनल द्वारा नाम क्लियर किए गए मतदाताओं को मतदान करने का अधिकार मिलेगा। इससे उन हजारों मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।

Bengal Elections : ट्रिब्यूनल के फैसले के आधार पर वोटिंग अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर अपीलेट ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक किसी मतदाता का नाम क्लियर कर देता है, तो उसे पहले चरण के मतदान में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, 27 अप्रैल तक नाम क्लियर होने वाले मतदाताओं को दूसरे चरण में वोट डालने का अधिकार होगा। यह फैसला उन लोगों के हित में लिया गया है जिनकी अपील पर ट्रिब्यूनल ने सकारात्मक फैसला सुनाया है।

Bengal Elections : पहले कोर्ट ने लंबित अपीलों पर सख्ती दिखाई थी

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रिब्यूनल में अपील लंबित रहने वाले मतदाताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालने दिया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि अपील अभी तय नहीं हुई है, इसलिए अंतरिम राहत देकर उन्हें वोटिंग अधिकार नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने पर जोर दिया था।

Bengal Elections : लाखों अपीलें लंबित, TMC और विपक्ष की मांग खारिज

बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे, जिसके खिलाफ अब तक 34 लाख से ज्यादा अपीलें दाखिल हो चुकी हैं। कई अपीलें अभी भी अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं। सत्ताधारी TMC समेत कई विपक्षी दलों ने लंबित अपीलों वाले लोगों को भी वोट देने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया।

Bengal Elections : कोर्ट का संतुलित रुख

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वोट का अधिकार लोकतंत्र का आधार है, लेकिन लंबित अपीलों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रिब्यूनल पर अनावश्यक बोझ नहीं बढ़ाया जा सकता। कोर्ट ने प्रभावित मतदाताओं को अपीलेट ट्रिब्यूनल का रुख करने की सलाह दी है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire