विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में मील के पत्थर बनेंगे मोदी सरकार के 100 दिन- वीडी शर्मा
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के 100 दिनों के कार्यकाल पर पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 विकसित भारत के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे हैं और यह 100 दिन उसी संकल्पना को साकार करने में समर्पित रहा है। 15 लाख करोड़ की परियोजनाओं की सौगात विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। मोदी 14 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और 2014 से लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री चुने गए। सार्वजनिक जीवन के ढाई दशकों से ज्यादा समय बिना रुके, बिना थके, देश की सेवा करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में उनके जन्मदिवस को सेवा पखवाड़े के रूप में मनाएगी।
बिना रुके, बिना थके देश के लिए काम कर रहे प्रधानमंत्री
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण के साथ ही भारत के ऐसे दूसरे नेता बन गए हैं, जिन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले दो कार्यकाल में दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा। भारत के प्रति दुनिया का जो विश्वास बढ़ा है, वह हम सभी देख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 120 से अधिक देशों के साथ तीसरे ‘‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ‘‘ शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक काम किए हैं और देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री के काम और उनके व्यक्तित्व के आधार पर उनकी छवि एक ग्लोबल लीडर की बन गई है। पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में काम करते हुए नरेंद्र मोदी ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली।
100 दिनों में अधोसंरचना के विकास को मिली रफ्तार
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बीते 100 दिनों में अधोसंरचना के विकास के लिए 15 लाख करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देश को मिली है। इन परियोजनाओं से जहां लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं देश के विकास को भी दिशा मिलेगी। इन परियोजनाओं में से 3 लाख करोड़ की परियोजनाएं सड़कों, रेल सुविधाओं और बंदरगाहों के विकास के लिए हैं। 50600 करोड़ की लागत से आधुनिक तकनीक से युक्त सड़कें और हाईवे बनाए जाएंगे। देश को 8 नई रेल परियोजनाएं मिली हैं, जिनमें मध्यप्रदेश की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन भी शामिल है। यह रेल परियोजना प्रदेश के आदिवासियों के विकास का पथ साबित होगी।

