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Maha Kumbh 2025: फिर आयोजित होगा संस्कृति का महापर्व, गंगा पंडाल में 7 से 10 फरवरी तक होगा सांस्कृतिक संगम, इन कलाकारों की होगी प्रस्तुति

Maha Kumbh 2025: बसंत पंचमी के पुण्य स्नान के बाद प्रयागराज महाकुंभ 2025 में एक बार फिर संस्कृति का भव्य संगम शुरू होने जा रहा है। गंगा पंडाल में आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में देश के प्रतिष्ठित कलाकार

Maha Kumbh 2025: बसंत पंचमी के पुण्य स्नान के बाद प्रयागराज महाकुंभ 2025 में एक बार फिर संस्कृति का भव्य संगम शुरू होने जा रहा है। गंगा पंडाल में आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में देश के प्रतिष्ठित कलाकार

प्रयागराज। Maha Kumbh 2025: बसंत पंचमी के पुण्य स्नान के बाद प्रयागराज महाकुंभ 2025 में एक बार फिर संस्कृति का भव्य संगम शुरू होने जा रहा है। गंगा पंडाल में आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। केन्द्रीय संस्कृति विभाग ने इस आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली है, जिसमें 7 से 10 फरवरी तक संगीत, नृत्य और कला की भव्य प्रस्तुतियां होंगी।


Maha Kumbh 2025: महाकुंभ की सांझ को ये कलाकार बनाएंगे संगीतमय और भव्य


गंगा पंडाल में होने वाले मुख्य सांस्कृतिक आयोजन में 7 फरवरी को ओडिशी नृत्यांगना डोना गांगुली, 8 फरवरी को प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति और डॉ. एल सुब्रह्मण्यम, 9 फरवरी को सुरेश वाडेकर और सोनल मान सिंह तथा 10 फरवरी को सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा, विभिन्न भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत विधाओं के प्रतिष्ठित कलाकार भी महाकुंभ की सांझ को संगीतमय और भव्य बनाएंगे।


Maha Kumbh 2025: गंगा पंडाल पर मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा


7 फरवरी • डोना गांगुली (कोलकाता) – ओडिशी नृत्य • योगेश गंधर्व एवं आभा गंधर्व – सूफी गायन • सुमा सुधींद्र (कर्नाटक) – कर्नाटिक गायन • डॉ. देवकी नंदन शर्मा (मथुरा) – रासलीला

8 फरवरी • कविता कृष्णमूर्ति और डॉ. एल सुब्रह्मण्यम – सुगम संगीत • प्रीति पटेल (कोलकाता) – मणिपुरी नृत्य • नरेंद्र नाथ (पश्चिम बंगाल) – सरोद वादन • डॉ. देवकी नंदन शर्मा (मथुरा) – रासलीला

9 फरवरी • सुरेश वाडेकर – सुगम संगीत • पद्मश्री मधुप मुद्गल (नई दिल्ली) – हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत • सोनल मान सिंह (नई दिल्ली) – ओडिशी नृत्य • डॉ. देवकी नंदन शर्मा (मथुरा) – रासलीला

10 फरवरी • हरिहरन – सुगम संगीत • शुभदा वराडकर (मुंबई) – ओडिशी नृत्य • सुधा (तमिलनाडु) – कर्नाटिक संगीत


Maha Kumbh 2025: श्रद्धा और आस्था का महापर्व


बता दें कि महाकुंभ 2025 न केवल श्रद्धा और आस्था का महापर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य और साहित्य के वैश्विक मंच के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। गंगा पंडाल में होने वाले ये आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करेंगे, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों रूपों में इस अद्भुत महापर्व का आनंद उठा सकेंगे।

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