अब तक जारी नही हुई राष्ट्रीय उद्यानों की अंतिम अधिसूचनाएं,मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक ने दी सफाई
- Rohit banchhor
- 02 Feb, 2025
केवल पेंच टाइगर रिजर्व को छोड़कर अन्य राष्ट्रीय उद्यानों की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है।
MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों की अंतिम अधिसूचनाएं जारी नही हुई। लगातार आदेश के बाद अधिसूचनाएं जारी नही होने से सवाल खड़े हो रहे है। अब मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक शुभरंजन सेन ने राष्ट्रीय उद्यानों की अंतिम अधिसूचनाएं जारी नहीं होने के संबंध में सफाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उद्यानों की प्रारंभिक अधिसूचनाएं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 35 (1) में जारी की जाती है। राष्ट्रीय उद्यानों के अधिसूचित क्षेत्र के संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 19 से 25 तक (अधिकारों के अर्जन) की कार्यवाही किए जाने के उपरांत ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाती है।
MP News : जिन राष्ट्रीय उद्यानों की अंतिम अधिसूचनाएं जारी नहीं हुई है, वे संबंधित जिला कलेक्टर के पास कार्यवाही के प्रचलन में हैं।सेन ने एक पत्र के जरिए बताया कि वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल, फॉसिल राष्ट्रीय उद्यान घुघवा, जिला डिण्डौरी एवं डायनासौर राष्ट्रीय उद्यान जिला धार सहित इस प्रकार की कुल पांच राष्ट्रीय उद्यानों की अंतिम अधिसूचनाएं जारी हो चुकी है। सेन के मुताबिक बांधवगढ एवं माधव राष्ट्रीय उद्यान के आशिक क्षेत्र की अतिम अधिसूचना क्रमशः वर्ष 1968 एवं 1958 में जारी की जा चुकी है। संजय, सतपुड़ा एवं कूनो राष्ट्रीय उद्यानों की प्रारंभिक अधिसूचनाएं जारी की जा चुकी है, लेकिन अंतिम अधिसूचनाएं जारी नहीं हुई है।
MP News : राष्ट्रीय उद्यानों की प्रारंभिक अधिसूचनाएं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 35 (1) में जारी की जाती है। राष्ट्रीय उद्यानों के अधिसूचित क्षेत्र के संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 19 से 25 तक (अधिकारों के अर्जन) की कार्यवाही किये जाने के उपरांत ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाती है। जिन राष्ट्रीय उद्यानों की अंतिम अधिसूचनायें जारी नहीं हुई है, वे संबंधित जिला कलेक्टर के पास लंबित हैं। इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि केवल पेंच टाइगर रिजर्व को छोड़कर अन्य राष्ट्रीय उद्यानों की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है।

