छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED कार्यालय पहुंचे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जोनल कार्यालय पहुंचे। वह ₹2,500 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। हालांकि, उनके बेटे हरिश लखमा और अन्य सहयोगी इस दौरान ED कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।
ED द्वारा जांच और समन:
प्रवर्तन निदेशालय ने रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घोटाले में लखमा को संलिप्त पाया है और इसकी पुष्टि करने के लिए ED ने एक सप्ताह में दूसरी बार समन जारी किया है। एजेंसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और बताया कि पूर्व मंत्री के खिलाफ जांच में अहम दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। कवासी लखमा और उनके बेटे हरिश को 3 जनवरी 2024 को ED कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया गया है।
इससे पहले, 30 दिसंबर 2023 को भी ED ने दोनों को समन भेजा था, जब एजेंसी ने घोटाले से जुड़ी विभिन्न जगहों पर छापेमारी की थी। हालांकि, दोनों समन पर एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे। इन छापों में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले थे, जिसके बाद ED ने जांच तेज़ कर दी है। कवासी लखमा और उनके बेटे के अलावा, ED ने कुछ अन्य करीबी सहयोगियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।
इनमें सुशील ओझा और OSD जयंत यादव के नाम शामिल हैं, जिनसे घोटाले से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। ₹2,500 करोड़ का यह शराब घोटाला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें लखमा के राज्य के आबकारी मंत्री रहते हुए व्यापक भ्रष्टाचार और प्रबंधन की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है।

