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Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन होती है मां महागौरी की पूजा, बरसेगी मां की विशेष कृपा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और भोग

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Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन होती है मां महागौरी की पूजा, बरसेगी मां की विशेष कृपा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और भोग
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Chaitra Navratri: धर्म डेस्क: चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी को समर्पित होता है। यह दिन पवित्रता, साधना और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। मां महागौरी का शांत और सौम्य स्वरूप भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। वर्ष 2026 में महाष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी और अष्टमी तिथि सुबह 11:48 बजे तक रहेगी।

मां महागौरी का दिव्य स्वरूप

मां महागौरी का वर्ण अत्यंत गौर और उज्ज्वल है, जो शंख, चंद्रमा और कुंद के फूल के समान बताया गया है। वे श्वेत वस्त्र और आभूषण धारण करती हैं, जो पवित्रता का प्रतीक हैं। उनकी आयु आठ वर्ष मानी जाती है, इसलिए उन्हें बाल रूप में भी पूजा जाता है।

वृषभ वाहन और चार भुजाएं

मां महागौरी वृषभ (बैल) पर सवार होती हैं। उनकी चार भुजाएं हैं-एक हाथ में अभय मुद्रा, दूसरे में त्रिशूल, तीसरे में डमरू और चौथे में वर मुद्रा। ये सभी प्रतीक भय का नाश, शक्ति, सृजन और आशीर्वाद को दर्शाते हैं।

पौराणिक कथा

कथा के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इस तपस्या के कारण उनका शरीर काला पड़ गया था। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगाजल से उनका स्नान कराया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत गौर और दिव्य हो गया। इसी कारण उन्हें महागौरी कहा गया।

अन्नपूर्णा स्वरूप और कन्या पूजन

मां महागौरी को अन्नपूर्णा का स्वरूप भी माना जाता है। अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूजा और भोजन कराया जाता है। यह श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।

पूजा से मिलने वाले फल

मां महागौरी की उपासना से सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। उनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं और भक्त के जीवन में सुख-शांति तथा समृद्धि आती है।

महाष्टमी पर क्या पहनें?

इस दिन गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके अलावा लाल रंग भी देवी को अत्यंत प्रिय है। मां को लाल चुनरी अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मां महागौरी को प्रिय फूल

मां गौरी को रात की रानी, सफेद कमल, मोगरा और पीले रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इन फूलों से पूजा करने पर देवी की विशेष कृपा मिलती है।

कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त

पहला मुहूर्त: सुबह 6:18 से 7:50 तक

दूसरा मुहूर्त: सुबह 10:55 से दोपहर 3:31 तक

इन समयों में कन्या पूजन करना अधिक फलदायी माना जाता है, हालांकि पूरे दिन श्रद्धा से पूजा की जा सकती है।

मां महागौरी पूजा मंत्र

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥


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