Top
Begin typing your search above and press enter to search.

CG News: सीएम विष्णु देव साय ने मयाली के शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस पर ऑनलाइन माध्यम से जुड़े

CG News: सीएम विष्णु देव साय ने मयाली के शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस पर ऑनलाइन माध्यम से जुड़े
X

CG News: जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय से ऑनलाइन माध्यम से जशपुर के कुनकुरी विकासखंड में स्थित मयाली के मधेश्वर पहाड़ पर आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में हिस्सा लिया। विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के समीप आयोजित इस कथा में उन्होंने शिव भक्तों को संबोधित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना की।

सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन

28 जुलाई से 4 अगस्त तक मधेश्वर पहाड़ के पास आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा में अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक श्री देवकीनंदन महाराज ने भक्तों को शिव महापुराण की कथा सुनाई। हजारों शिव भक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ इस कथा का श्रवण किया। मधेश्वर महादेव समिति द्वारा सावन माह के दौरान बाबा भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने समिति और सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया।

भोलेनाथ की कृपा की कामना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, मधेश्वर पहाड़ पर स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग की आराधना करते हुए मैं छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूं। बाबा भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में भगवान शिव विभिन्न रूपों में विराजमान हैं। इनमें मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में भोरमदेव, राजिम में फूलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वरनाथ और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव शामिल हैं।

शक्तिपीठों के विकास की योजना

सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए कॉरिडोर आधारित योजना पर काम कर रही है। ये शक्तिपीठ हैं: डोंगरगढ़ में माता बमलेश्वरी रतनपुर में माता महामाया जांजगीर-चांपा के चंद्रपुर में माता चंद्रहासिनी दंतेवाड़ा में माता दंतेश्वरी रायपुर में माता रानी के अन्य रूप इन शक्तिपीठों के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

श्री रामलला दर्शन और तीर्थ दर्शन योजना

मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना के तहत 22,000 से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या की यात्रा कराई जा रही है, जिससे उनकी आध्यात्मिक आकांक्षाएं पूरी हो रही हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 19 प्रमुख तीर्थ स्थानों की यात्रा की व्यवस्था की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करना है।

भक्तों में उत्साह का माहौल

मधेश्वर पहाड़ पर आयोजित इस शिव महापुराण कथा में शामिल भक्तों में अपार उत्साह देखा गया। सावन के अंतिम सोमवार को बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और कथा श्रवण के लिए हजारों श्रद्धालु मयाली पहुंचे। मुख्यमंत्री के संबोधन और उनकी प्रार्थनाओं ने भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire