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Naxalite Surrender : 1 करोड़ 18 लाख के इनामी 23 नक्सलियों ने किया सरेंडर, खूंखार माओवादी लीडर हिड़मा का गनमैन भी शामिल...

Naxalite Surrender

आत्मसमर्पण करने वालों में 14 पुरुष और 9 महिला नक्सली शामिल हैं, जिनमें डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर), पीपीसीएम, एसीएम और पार्टी सदस्य जैसे विभिन्न पदों पर सक्रिय नक्सली शामिल हैं।

Naxalite Surrender : सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के समक्ष कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपये के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 14 पुरुष और 9 महिला नक्सली शामिल हैं, जिनमें डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर), पीपीसीएम, एसीएम और पार्टी सदस्य जैसे विभिन्न पदों पर सक्रिय नक्सली शामिल हैं।


बता दें कि आत्मसमर्पित नक्सलियों में माओवादी संगठन के डीवीसीएम लोकेश का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। लोकेश 2012 में तत्कालीन कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने वाला मास्टरमाइंड था। उसने बताया कि उसे कलेक्टर के दौरे की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर नक्सलियों ने अपहरण की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। लोकेश ने इस घटना की पूरी कहानी साझा की, जो नक्सलियों की रणनीति और संगठन की कार्यप्रणाली को उजागर करती है।


इसके अलावा, आत्मसमर्पण करने वालों में खूंखार माओवादी लीडर हिड़मा का गनमैन कलमू केसा भी शामिल है। केसा ने खुलासा किया कि वह कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर हुए ऑपरेशन के दौरान हिड़मा के साथ मौजूद था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर लिया था। केसा के अनुसार, उस समय कर्रेगुट्टा में हिड़मा, देवा और चंद्रन्ना जैसे बड़े नक्सली लीडर सहित लगभग 300 नक्सली मौजूद थे। पुलिस के दबाव के बावजूद हिड़मा, देवा और चंद्रन्ना जैसे नेता वहां से भाग निकलने में कामयाब रहे। केसा ने इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी, जिससे नक्सलियों की रणनीति और उनके पलायन के तरीकों का खुलासा हुआ।


पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति-2025 और नियद नेल्ला नार योजना के तहत हुआ है। इन योजनाओं से प्रभावित होकर और पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की नीति के तहत प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

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