CGMSC Scam : ACB/EOW की बड़ी कार्रवाई, मोक्षित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा गिरफ्तार
- Rohit banchhor
- 29 Jan, 2025
जांच एजेंसियों की टीम ने रायपुर, दुर्ग समेत कई जिलों में मोक्षित कॉरपोरेशन के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की थी।
CGMSC Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने मोक्षित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर विशेष कोर्ट में पेश किया। यह मामला 660 करोड़ रुपये के महाघोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों की टीम ने रायपुर, दुर्ग समेत कई जिलों में मोक्षित कॉरपोरेशन के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की थी।
CGMSC Scam : बता दें कि CGMSC घोटाले की पोल तब खुली जब वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आई। ऑडिट टीम ने पाया कि 660 करोड़ रुपये की खरीदी बिना बजट आवंटन के की गई थी। जरूरत से ज्यादा मेडिकल उपकरण और केमिकल खरीदे गए, जो स्वास्थ्य केंद्रों में अनुपयोगी साबित हुए। प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनकी आपूर्ति की गई, जिनमें से 350 से अधिक केंद्रों में तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधाएं ही नहीं थीं।
CGMSC Scam : EOW ने अपनी एफआईआर में स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। इसमें स्वास्थ्य संचालक और CGMSC की एमडी पर भी गंभीर टिप्पणी की गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकार को अरबों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

