पांच साल में वित्तीय वर्ष की सबसे खराब शुरुआत, सेंसेक्स 1390 अंक लुढ़का, देखें निफ्टी का हाल
मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत पिछले पांच साल में सबसे खराब प्रदर्शन के साथ की। ईद की छुट्टी के बाद मंगलवार को कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,390.41 अंक (1.80%) टूटकर 76,024.51 पर बंद हुआ। इसके 30 में से 28 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल दो शेयर हरे निशान में रहे। दिन के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,502.74 अंक (1.94%) गिरकर 75,912.18 तक पहुंच गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 351.15 अंक (1.49%) फिसलकर 23,168.20 पर आ गया। यह पिछले एक महीने में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी।
प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली, इंडसइंड बैंक चमका
सेंसेक्स के बड़े शेयरों में गिरावट का दौर रहा। एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टूब्रो, टेक महिंद्रा और एनटीपीसी जैसे दिग्गज शेयर लाल निशान में बंद हुए। दूसरी ओर, इंडसइंड बैंक 5% से अधिक की उछाल के साथ सबसे बड़ा लाभार्थी रहा। जोमैटो भी मामूली बढ़त के साथ दिन का अंत करने में सफल रहा।
वैश्विक अनिश्चितता और बिकवाली का असर
बाजार विशेषज्ञों ने इस गिरावट का कारण वैश्विक अनिश्चितता को बताया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अमेरिका में कल होने वाली पारस्परिक टैरिफ घोषणा से पहले वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।
इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार द्वारा रेडी रेकनर दरों में बढ़ोतरी से रियल एस्टेट शेयरों में भी कमजोरी आई।" विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनिश्चितता बाजार में भारी बिकवाली का कारण बनी, जिसने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। यह खराब शुरुआत वित्तीय वर्ष 2020-21 के बाद सबसे निचले स्तर की ओपनिंग मानी जा रही है, जिसने निवेशकों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।

