Kartik Purnima 2025 : 4 या 5 नवंबर को है देव दीपावली, जानें रौनक और दीपदान का अनोखा मुहूर्त
- Rohit banchhor
- 28 Oct, 2025
यह दिन न केवल दीपदान का है, बल्कि देव दीपावली और त्रिपुरारी पूर्णिमा के रूप में स्वर्गीय उत्सव का प्रतीक भी है।
Kartik Purnima 2025 : नई दिल्ली। हिंदू पंचांग का सबसे चमकदार पर्व कार्तिक पूर्णिमा इस बार 5 नवंबर 2025 बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। लेकिन सवाल उठता है क्या यह 4 नवंबर से शुरू हो रही है? जी हां, पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर रात 11.03 बजे से आरंभ होकर 5 नवंबर रात 9.05 बजे तक रहेगी। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, उदया तिथि के नियम से मुख्य उत्सव 5 नवंबर को ही होगा। यह दिन न केवल दीपदान का है, बल्कि देव दीपावली और त्रिपुरारी पूर्णिमा के रूप में स्वर्गीय उत्सव का प्रतीक भी है।
पौराणिक रहस्य- शिव का त्रिपुर वध और विष्णु का मत्स्य चमत्कार-
कथा कुछ यूं है कि इसी पावन तिथि पर भगवान शिव ने तीनों लोकों को आतंकित करने वाले राक्षस त्रिपुरासुर का संहार किया। विजय की खुशी में देवताओं ने आकाश में अनगिनत दीप जलाए, जो पृथ्वी पर देव दीपावली के रूप में उतर आए। दूसरी ओर, भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर प्रलय से मानवता की रक्षा की। यही वजह है कि यह पर्व शिव-विष्णु भक्तों का मिलन बिंदु बन गया। एक दीप जलाने से जहां पितृ दोष दूर होते हैं, वहीं विष्णु पूजन से वैकुंठ की प्राप्ति का वरदान मिलता है।
शुभ मुहूर्त-
दीपदान मुहूर्त- 5 नवंबर शाम 5.42 बजे से रात 7.18 बजे तक (ब्रह्म मुहूर्त में अतिरिक्त पुण्य)।
स्नान-दान समय- सुबह 5.15 बजे से 6.45 बजे (गंगा स्नान के लिए स्वर्णिम घड़ी)।
यदि चंद्रोदय (रात 6.30 बजे) के समय दीप जलाएं, तो सात जन्मों के पाप नष्ट होने की मान्यता है।
क्या आप जानते हैं? कार्तिक पूर्णिमा की रात चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है, जिसे सुपरमून कहते हैं। इसी कारण दीपों की चमक दोगुनी हो जाती है! इस पर्व पर घर में 11 दीप जलाएं दृ 1 शिवलिंग, 1 विष्णु, 1 गणेश, 1 माता लक्ष्मी और 7 पितरों के नाम। इससे कुंडली के राहु-केतु दोष दूर होते हैं।

