Constitution Pride Campaign: गणतंत्र दिवस से पहले भाजपा देश भर में चलाएगी संविधान गौरव अभियान, पार्टी के तीनों महासचिवों को दी गई है जिम्मेदारी
- Pradeep Sharma
- 03 Jan, 2025
Constitution Pride Campaign: भारतीय जनता पार्टी संविधान और इसके मूल्यों तथा इसके निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस साल गणतंत्र
नई दिल्ली। Constitution Pride Campaign: भारतीय जनता पार्टी संविधान और इसके मूल्यों तथा इसके निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस साल गणतंत्र दिवस के पहले करीब पखवाड़ा भर ‘संविधान गौरव अभियान’ चलाएगी।
Constitution Pride Campaign: सूत्रों ने कहा कि भाजपा नेता प्रचार के दौरान आंबेडकर के योगदान को भी रेखांकित करेंगे। बता दें कि मोदी सरकार ने 26 जनवरी को संविधान लागू किए जाने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’ टैगलाइन के तहत एक अभियान भी शुरू किया है।
Constitution Pride Campaign: 11 जनवरी को शुरू होगा अभियान
भाजपा के सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रव्यापी ‘संविधान गौरव अभियान’ 11 जनवरी को शुरू किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) की महत्वपूर्ण आबादी वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस दौरान भाजपा केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों को भी रेखांकित करेगी, जिनके बारे में वह अक्सर कहती है कि वे संवैधानिक मूल्यों से निर्देशित हैं और उसने इनके जरिए आंबेडकर की विरासत को मजबूत किया है।
Constitution Pride Campaign: तीनों राष्ट्रीय महासचिवों को दी गई है जिम्मेदारी
पार्टी ने अभियान का नेतृत्व करने के लिए अपने तीन राष्ट्रीय महासचिवों- विनोद तावड़े, तरुण चुघ और दुष्यंत कुमार गौतम को तैनात किया है। तावड़े को इसका संयोजक बनाया गया है। सूत्रों ने कहा कि भाजपा सभी राज्यों की राजधानियों और अन्य शहरों में कुल मिलाकर कम से कम 50 कार्यक्रम आयोजित करेगी। स्थानीय स्तर पर भी पार्टी की ओर से कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मूल्यों को रेखांकित करने के लिए पार्टी की विभिन्न इकाइयां छात्रों से भी संपर्क करेंगी। अभियान के दौरान पार्टी का विशेष ध्यान एससी बहुल आबादी वाले जिलों में रहेगा।
Constitution Pride Campaign: विपक्ष के इस आरोप का जवाब देगी पार्टी
हाल ही में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र में भारत के संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा हुई थी। इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के एक अंश को मुद्दा बनाया और उन पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया। शाह ने विपक्षी दलों पर उनके भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा ने जोर देकर कहा कि यह कांग्रेस ही है, जिसने बार-बार आंबेडकर का अपमान किया है।
Constitution Pride Campaign: बता दें कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा संविधान को कथित तौर पर कमजोर करने के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। यह ऐसा मुद्दा रहा, जिसकी वजह से भाजपा को मतदाताओं के एक वर्ग का खासा नुकसान उठाना पड़ा था। भाजपा के नेता भी मानते हैं कि इस कारण भाजपा लोकसभा चुनाव में अपने बूते बहुमत हासिल करने में नाकाम रही।

