CG News: नौ साल बाद सड़क और सेतु कार्य के एसओआर की दरों में बदलाव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया विमोचन
- Pradeep Sharma
- 29 Dec, 2024
CG News: छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क और सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का
रायपुर। CG News: छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क और सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का विमोचन किया। राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग ने 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को अद्यतन किया है। इस नए एसओआर में नई मशीनरी, निर्माण की तकनीकों और नवीनतम मानकों को शामिल किया गया है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के साथ ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम भी कम होगा। यह नया एसओआर 1 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में सड़कों के प्रभावी संधारण के लिए पीबीएमसी/ओपीआरएमसी पद्धति भी लागू की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही पायलेट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी।
CG News: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एसओआर विमोचन के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। नए एसओआर के लागू होने से इन कार्यों में और भी आसानी होगी। उन्होंने बताया कि 2015 से प्रचलित एसओआर में उस समय प्रचलित श्रमिक दरें, सामग्री दरें और मशीनरी दरें शामिल थीं, जिनमें अब दस साल के बाद भारी बदलाव हो चुका है। नवीन दर अनुसूची में वर्तमान दरों को ध्यान में रखते हुए अद्यतन किया गया है।
CG News: उप मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 2015 में जारी एसओआर में सभी प्रचलित टैक्सों को समाहित किया गया था, जबकि नए एसओआर में 1 जुलाई 2017 से लागू जीएसटी (GST) को भी शामिल किया गया है। ठेकेदार अब अपनी निविदा दर जीएसटी सहित देंगे, जिससे उन्हें अलग से जीएसटी का भुगतान नहीं करना पड़ेगा और कार्य की लागत में जीएसटी का प्रभाव भी समाहित रहेगा। इससे ठेकेदारों को भविष्य में जीएसटी दरों में होने वाले बदलावों से उत्पन्न जोखिम से बचने में मदद मिलेगी।
CG News: उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में कई नई तकनीकों, मटेरियल्स और कार्य विधियों में परिवर्तन आया है, जिनका उपयोग अब नए एसओआर में किया जाएगा। इनमें स्वाइल स्टेबलाईजेशन, व्हाइट टॉपिंग, रोड साइनेज में एल्युमिनियम कम्पोजिट मटेरियल का उपयोग, प्रीकास्ट आर.सी.सी. ड्रेनेज और बाक्स कल्वर्ट्स, उच्च ग्रेड आर.सी.सी. (M-40, M-45, M-50), प्री-स्ट्रेसिंग, बम्बू क्रैश बैरियर्स और नॉइज बैरियर्स जैसी नई तकनीकों को शामिल किया गया है।
CG News: साव ने बताया कि इस नए एसओआर के लागू होने से निर्माण कार्यों का प्राक्कलन और लागत का आकलन अधिक वास्तविक होगा, जिससे प्रशासकीय स्वीकृतियां और कार्यों में लागत वृद्धि की संभावनाएं भी कम होंगी। इस प्रक्रिया से कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा में सुधार होगा।
CG News: सड़कों के संधारण के लिए नए पद्धतियों की चर्चा करते हुए, उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में सड़कों के संधारण के लिए ठेकेदारों का चयन मौसम के अनुसार किया जाता है, लेकिन कई बार एजेंसी की कमी और समय पर काम न होने के कारण सड़कों के गड्ढे भरने में विलंब होता है। अब छत्तीसगढ़ में पीबीएमसी और ओपीआरएमसी जैसी पद्धतियों को लागू किया जाएगा, जिसमें एक ही एजेंसी को 5 से 7 वर्षों तक सड़कों का संधारण सौंपा जाएगा। यदि ठेकेदार निर्धारित समयसीमा में सुधार कार्य नहीं करता, तो उस पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
CG News: इस प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे सड़कों की स्थिति की निगरानी आसान होगी। उप मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जल्द ही पायलेट प्रोजेक्ट के तहत कुछ जिलों में इस पद्धति को लागू किया जाएगा और इसके सकारात्मक परिणामों के बाद पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा।

