मुठभेड़ में IED एक्सपर्ट कोरसा महेश सहित तीन हार्डकोर माओवादी ढेर, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद
- Rohit banchhor
- 10 Jan, 2025
पुलिस का कहना है कि वे बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।
CG News : सुकमा। जिले के पालीगुड़ा-गुंडराजगुड़ेम क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन माओवादी ढेर हो गए हैं, जिनमें IED एक्सपर्ट कोरसा महेश सहित अन्य दो हार्डकोर माओवादी शामिल हैं। ये माओवादी दक्षिण बस्तर डिवीजन और पश्चिम बस्तर के पीएलजीए बटालियन के सक्रिय सदस्य थे, जिनके खिलाफ कुल 18 लाख रुपये का इनाम था।
CG News : बता दें कि 8 जनवरी को सुकमा पुलिस ने माओवादी गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद नक्सल विरोधी सर्च अभियान शुरू किया था, जिसमें जिला सुकमा की डीआरजी, एसटीएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम शामिल थी। 9 जनवरी को सुबह करीब 8 बजे पालीगुड़ा और गुंडराजगुड़ेम के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें माओवादी सुरक्षाबलों के साथ रुक-रुक कर फायरिंग करते रहे। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से तीन माओवादियों के शव और भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सल साहित्य बरामद किया।

CG News : माओवादी महेश का जुड़ाव कई प्रमुख घटनाओं से-
मारे गए माओवादी महेश, जो पश्चिम बस्तर बीजापुर का निवासी था, एक IED एक्सपर्ट था और 2023 तथा 2024 में हुई कई महत्वपूर्ण घटनाओं का मास्टर माइंड था। महेश का नाम जगरगुण्डा, बेदरे और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में माओवादी हमलों में सामने आया था। इन घटनाओं में सुरक्षा बलों के खिलाफ कई घातक हमले किए गए थे, जिसमें सीआरपीएफ के जवानों की हत्या और आईईडी ब्लास्ट भी शामिल थे।
CG News : इनाम घोषित माओवादियों के शव बरामद-
मारे गए माओवादी महेश पर 8 लाख रुपये का इनाम था, जबकि माडवी नवीन उर्फ कोसा और अवलम भीमा पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। ये सभी माओवादी पीएलजीए बटालियन के सदस्य और एसीएम (आर्मी कमांडर) के पद पर कार्यरत थे। महेश के साथ मारे गए अन्य दो माओवादी माडवी नवीन उर्फ कोसा और अवलम भीमा भी विभिन्न नक्सली अपराधों में शामिल थे।
CG News : पुलिस का लगातार नक्सल विरोधी अभियान-
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, सुन्दरराज पी. ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान को आगे बढ़ाते हुए 2025 में भी प्रतिबंधित माओवादी संगठन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पिछले छह दिनों में आठ हार्डकोर माओवादी मारे गए हैं, जिससे बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर महत्वपूर्ण अंकुश लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि वे बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।

