RBI MPC: विदेशी निवेश बढ़ाने पर RBI का फोकस, रुपये को मिल सकती है मजबूती
RBI MPC: नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नई मौद्रिक नीति में इस बार महंगाई नियंत्रण के साथ-साथ विदेशी निवेश आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया है। केंद्रीय बैंक ने ऐसे कई कदमों की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ाना और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना है।
निवेशकों के लिए कई राहत भरे फैसले
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, आरबीआई ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कर संबंधी राहत और वित्तीय सुविधाओं की घोषणा की है। इसके तहत बैंकों को एफसीएनआर (बी) जमा जुटाने की अनुमति दी गई है, जबकि कुछ मामलों में हेजिंग लागत में भी राहत दी गई है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा स्वैप और बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया गया है।
विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों से आने वाले समय में 35 से 45 अरब डॉलर तक का अतिरिक्त विदेशी निवेश आ सकता है। इससे भुगतान संतुलन की स्थिति मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा मिलेगा।
रुपये पर दबाव हो सकता है कम
हाल के महीनों में विदेशी निवेश की निकासी के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि आरबीआई और सरकार के नए कदमों से रुपये को स्थिरता मिलेगी। साथ ही भविष्य में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है।

