Breaking News
बिग ब्रेकिंग: जोरहाट एयरबेस पर IAF का AN-32 प्लेन क्रैश, लैंडिंग के बाद दो हिस्सों में बंट गया विमान
NEET UG 2026 Re-exam: 21 जून को होने वाली NEET UG 2026 Re-exam से पहले बड़े बदलाव, परीक्षा अवधि बढ़ी
Create your Account
तेलंगाना सुरंग हादसा: 13 दिन बाद भी नहीं मिली सफलता, कैडेवर डॉग्स और रोबोट्स की ली जा रही है मदद
नगरकुरनूल, तेलंगाना: श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में 22 फरवरी को हुए हादसे के बाद से फंसे आठ लोगों को बचाने के लिए 13 दिनों से चल रहा अभियान अभी तक सफल नहीं हो पाया है। इस आपदा में सुरंग की छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया था, जिसके कारण उस समय मौजूद 50 श्रमिकों में से 42 सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन एक इंजीनियर सहित आठ लोग अभी भी लापता हैं। बचाव के लिए अब केरल पुलिस के विशेष प्रशिक्षित कैडेवर डॉग्स (शव खोजी कुत्ते) और रोबोटिक्स टीम को शामिल किया गया है।
कैडेवर डॉग्स और रोबोटिक्स की ली जा रही मदद
केरल सरकार के बयान के अनुसार, कैडेवर डॉग्स और उनके प्रशिक्षित हैंडलर गुरुवार सुबह हैदराबाद के लिए रवाना हुए। ये कुत्ते शवों और लापता व्यक्तियों का पता लगाने में सक्षम हैं। दूसरी ओर, रोबोटिक्स विशेषज्ञों की एक टीम भी आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में पहुंची है, जहां रोबोट्स के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नौसेना, सिंगरेनी खदान, बीआरओ, एनजीआरआई, जीएसआई, एलएंडटी जैसी टीमें दिन-रात राहत कार्य में जुटी हैं।
प्रति मिनट 5,000 लीटर पानी बना बाधा
सुरंग में प्रति मिनट 5,000 लीटर पानी का बहाव और भारी कीचड़ कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार तकनीक से खोज जारी है, लेकिन सुरंग से तेज दुर्गंध के कारण अनहोनी की आशंका बढ़ गई है। तेलंगाना सरकार ने स्वीकार किया कि फंसे लोगों के जीवित मिलने की संभावना मात्र 1% है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के आसपास पहुंचने के लिए गैस कटर से मशीन के हिस्सों को काटा जा रहा है, जिसे लोको ट्रेन के जरिए बाहर लाया जाएगा।
सुरंग में पानी निकासी के लिए भारी मोटरें लगाई गई हैं और वेंटिलेशन ट्यूब को ठीक करने का प्रयास जारी है। स्थिति की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए गए हैं। बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल परीक्षित मेहरा सहित विशेषज्ञों ने सुरंग का निरीक्षण कर मिट्टी की अस्थिरता को हादसे का प्रमुख कारण बताया। यह सुरंग, जो नल्लामाला वन क्षेत्र से होकर गुजरती है, चार साल से पानी और कीचड़ की समस्या से जूझ रही है। 1978 में शुरू हुई यह परियोजना कई बार रुकावटों का शिकार हुई, लेकिन 2005 में 2,813 करोड़ रुपये की लागत से इसे मंजूरी मिली थी। अब सरकार और विशेषज्ञ हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।
Related Posts
More News:
- 1. Pakistan Army Mi-17 helicopter crashes: पीओके में प्रदर्शनकारियों पर नजर रख रहा पाकिस्तान आर्मी का एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश, सभी सवारों की मौत की आशंका
- 2. IND W vs PAK W T20 WC: भारत-पाकिस्तान महामुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, देखें दोनों की प्लेइंग 11
- 3. Rajasthan: जयपुर में निर्माणाधीन साइट पर दर्दनाक हादसा: मिट्टी ढहने से तीन महिला मजदूरों की मौत
- 4. Chardham Yatra: चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह, गंगोत्री-यमुनोत्री में 10 लाख से अधिक दर्शनार्थी पहुंचे
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Popular post
Live News
Latest post
You may also like
Subscribe Here
Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

