Sindhu Water Agreement : पाकिस्तान ने भारत से लगाई गुहार, सिंधु जल समझौते पर करे पुनर्विचार, बढ़ते जल संकट को लेकर चिंता...
- Rohit banchhor
- 14 May, 2025
भारत ने इस अपील को सिरे से खारिज कर दिया है, यह दोहराते हुए कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, समझौता बहाल नहीं होगा।
Sindhu Water Agreement : नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत से सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को बहाल करने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील की है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित किए गए इस समझौते पर पुनर्विचार किया जाए। पाकिस्तान का दावा है कि भारत का यह कदम उसके लिए गंभीर जल संकट पैदा कर सकता है, जिससे उसकी कृषि और पेयजल आपूर्ति पर भारी असर पड़ेगा। हालांकि, भारत ने इस अपील को सिरे से खारिज कर दिया है, यह दोहराते हुए कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, समझौता बहाल नहीं होगा।
Sindhu Water Agreement : पाकिस्तान की चिट्ठी, भारत का जवाब-
पाकिस्तान ने अपनी चिट्ठी में कहा कि सिंधु जल समझौते का निलंबन उसके लिए ‘आर्थिक और पर्यावरणीय आपदा’ साबित हो सकता है, क्योंकि सिंधु नदी और इसकी सहायक नदियां (इंडस, झेलम, चिनाब) देश की 80ः कृषि और 25ः हाइड्रोपावर का आधार हैं। यह चिट्ठी भारत के विदेश मंत्रालय को भी भेजी गई, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद और जल सहयोग एक साथ नहीं चल सकते। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार 13 मई को भी भारत ने अपनी स्थिति दोहराई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, “खून और पानी साथ नहीं बह सकते। टेरर और टॉक, टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते।”
Sindhu Water Agreement : पहलगाम हमले के बाद भारत का सख्त कदम-
22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को स्थगित करना सबसे बड़ा कदम था। भारत ने इसे तब तक निलंबित रखने का फैसला किया, जब तक पाकिस्तान ‘सीमा पार आतंकवाद’ को समर्थन देना बंद नहीं करता। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसे भारत लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी मानता है। भारत ने हमले में ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ का हवाला देते हुए यह कदम उठाया।

