अब दवाओं और व्यापार के लिए राज्य सरकार करेगी भांग की खेती, खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश सरकार औद्योगिक और औषधीय उपयोग के लिए भांग की खेती को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। भांग का उपयोग बायोमास, फाइबर, टेक्सटाइल, कागज, फर्नीचर, और कैंसर व ग्लूकोमा जैसी बीमारियों की दवाओं के निर्माण में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह कदम रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा और बड़े निवेश की संभावना को बढ़ाएगा।
भांग की खेती को नियंत्रित करने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया लागू की जाएगी। औद्योगिक उपयोग के लिए भांग खुले में उगाई जा सकेगी, जबकि औषधीय भांग पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस में संरक्षित वातावरण में उगाई जाएगी। फार्मा कंपनियां किसानों के साथ करार कर दवाओं के लिए भांग उगाने का कार्य करेंगी। खेती की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस का उपयोग किया जाएगा।
कृषि विभाग इस योजना का नोडल एजेंसी होगा और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर अनुसंधान, बीज बैंक और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना सुनिश्चित करेगा। कृषि और बागवानी विश्वविद्यालय भांग की खेती का शेड्यूल तैयार करेंगे, और बीज बैंक की स्थापना की जाएगी। उपज की खरीदारी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भी सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि नशे के लिए भांग का दुरुपयोग रोका जाएगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश में स्वरोजगार और औद्योगिक विकास के लिए नए द्वार खोलेगी।

