Bridge Over The Indrayani River Collapsed: पुणे में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढहा, 6 लोगों की मौत, 25 लापता
Bridge Over The Indrayani River Collapsed: पुणे: महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ के मावल तहसील में इंद्रायणी नदी पर बना एक लोहे का पुल रविवार दोपहर अचानक ढह गया, जिसके कारण 6 लोगों की मौत हो गई और लगभग 25 लोगों के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया।
हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ, जब कुंडमाला गांव के पास स्थित यह लोकप्रिय पर्यटन स्थल भारी भीड़ से भरा हुआ था। स्थानीय विधायक सुनील शेलके के अनुसार, लगभग 30 साल पुराना यह लोहे का पुल उस समय ढह गया, जब उस पर करीब 100 लोग मौजूद थे। कुछ लोग तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन कई अन्य तेज बहाव में बह गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 5 से 6 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि दो घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बचाव कार्य में चुनौतियां
पिछले दो दिनों से मावल क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण इंद्रायणी नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। तालेगांव दाभाड़े पुलिस, स्थानीय लोग, और आपदा प्रबंधन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। पुलिस और दमकल विभाग ने बचाव नौकाओं और वाहनों को तैनात किया है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
प्रशासन का बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “एनडीआरएफ और अन्य टीमें राहत कार्य में पूरी ताकत से जुटी हैं। मौतों की संख्या की पुष्टि के लिए अभी और समय चाहिए।” उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। रविवार होने के कारण इस पर्यटन स्थल पर भारी भीड़ थी, जिसने हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया। पुलिस के अनुसार, मलबे में 10 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन नदी का तेज बहाव और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां इसे जटिल बना रही हैं।
आगे की जांच
प्रशासन ने इस हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, पुल की पुरानी संरचना और भारी बारिश के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। स्थानीय लोग और पर्यटक इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

