UK: कर्कटेश्वर महादेव मंदिर का होगा कायाकल्प, स्वामी विवेकानंद की तपस्थली को मिलेगी नई पहचान
UK: रानीखेत। उत्तराखंड सरकार ने मानसखंड मंदिरमाला मिशन के तहत अल्मोड़ा जिले के काकड़ीघाट स्थित ऐतिहासिक कर्कटेश्वर महादेव मंदिर के विकास के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। पवित्र कोसी और सिरौता नदी के संगम पर स्थित इस कत्यूरकालीन मंदिर के लिए 4.98 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। पहली किस्त के रूप में 1.99 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं।
UK: जनपद स्तरीय तकनीकी समिति की गहन जांच और सिफारिश के बाद यह स्वीकृति दी गई। इस विकास से काकड़ीघाट, जो स्वामी विवेकानंद की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थल के रूप में उभरेगा। कत्यूर राजवंश काल में स्थापित यह मंदिर वही पवित्र स्थल है, जहां 1890 में युगपुरुष स्वामी विवेकानंद अपने गुरुभाई अखंडानंद के साथ अल्मोड़ा यात्रा के दौरान ठहरे थे और पीपल वृक्ष की छांव में ध्यान कर सूक्ष्म ब्रह्मांड का ज्ञान प्राप्त किया था।
UK: पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने शासनादेश जारी कर निदेशक पर्यटन को कार्यान्वयन के निर्देश दिए हैं। कार्यदायी संस्था के रूप में कुमाऊं मंडल विकास निगम को नियुक्त किया गया है। बजट का उपयोग 31 मार्च 2026 तक करना अनिवार्य है।
UK: स्वामी विवेकानंद सेवा समिति के शाखा अध्यक्ष ने बताया कि स्वीकृत राशि से स्वामी विवेकानंद एवं बाबा नीमकरौली महाराज की धातु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। साथ ही सड़क से तपस्थली तक पैदल मार्ग, घाट, पार्क, व्यू पॉइंट और मंदिर प्रांगण का सुंदरीकरण भी किया जाएगा।

