तालिबान का नया फरमान: एनजीओ में कामकाजी महिला की रोक के बाद अब घरों में खिड़कियां भी बंद
Taliban: अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत महिला कर्मचारियों को काम पर रखने वाले सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गैर-स

नई दिल्ली। Taliban: अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत महिला कर्मचारियों को काम पर रखने वाले सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को बंद कर दिया जाएगा। यह कदम दो साल पहले दिए गए एक आदेश का विस्तार है, जब तालिबान ने अफगान महिलाओं को NGO के कार्यों में शामिल होने से रोकते हुए उन्हें इस्लामी हिजाब सही तरीके से पहनने की शर्त पर काम करने की अनुमति दी थी।
Taliban: तालिबानी सरकार के अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने हाल ही में एक पत्र जारी कर चेतावनी दी है कि यदि ये आदेश पालन नहीं किया गया, तो अफगानिस्तान में एनजीओ को काम करने के लिए दिया गया लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि वह सभी राष्ट्रीय और विदेशी संगठनों की गतिविधियों का पंजीकरण, समन्वय, नेतृत्व और निगरानी करेगा। Taliban: इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तालिबान द्वारा नियंत्रित नहीं किए जाने वाले संस्थानों में महिला कर्मचारियों को काम पर रखने की गतिविधियों को बंद किया जाएगा, और ऐसे संस्थानों के लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा। यह आदेश NGOs के कामकाजी ढांचे को और अधिक कड़ा बना देगा।
Taliban: तालिबान का यह कदम NGOs में महिला कार्यकर्ताओं की बढ़ती संख्या को प्रतिबंधित करने की ओर एक और बड़ा कदम है, जबकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहले ही यह चिंता जताई थी कि तालिबान द्वारा महिला अफगान मानवीय कार्यकर्ताओं के काम में बाधा डाली जा रही है। इसके बावजूद तालिबान इन आरोपों से इनकार करता है कि वह राहत कार्यों में हस्तक्षेप कर रहा है। बता दें कि तालिबान ने पहले ही अफगान महिलाओं को कई सरकारी नौकरियों, सार्वजनिक स्थानों, और छठी कक्षा से ऊपर की शिक्षा से प्रतिबंधित कर दिया है।
Taliban: एक अन्य आदेश में, तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा ने यह फरमान भी जारी किया कि अफगानिस्तान में कोई भी इमारत ऐसी खिड़कियां नहीं रखेगी, जिनमें महिलाएं बैठ या खड़ी हो सकें। यह आदेश नई और पुरानी दोनों तरह की इमारतों पर लागू होगा, और पहले से मौजूद खिड़कियों को भी बंद करने का निर्देश दिया गया है। यह नए फरमान तालिबान के शासन में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर और अधिक गंभीर प्रभाव डालेंगे।


