Republic Day 2025 : भारत पर्व 2025 में दिखेगी छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और रामनामी समुदाय की झलक...
- Rohit banchhor
- 22 Jan, 2025
जिसमें प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया है।
Republic Day 2025 : रायपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले पर आयोजित होने वाले भारत पर्व 2025 में इस बार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और रामनामी समुदाय की झलक देखने को मिलेगी। इस वर्ष की झांकी भारत सरकार की थीम ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ पर आधारित है, जिसमें प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया है।
Republic Day 2025 : राष्ट्रीय रंगशाला दिल्ली में आयोजित प्रेस प्रिव्यू के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी को राष्ट्रीय मीडिया की सराहना मिली। इस झांकी के माध्यम से यह दिखाया गया है कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर में जीवन, प्रकृति और आध्यात्मिकता का गहरा संबंध है। झांकी में प्रदेश के लोक जीवन, रीति-रिवाजों और परंपराओं को खूबसूरती से दर्शाया गया है, जो राज्य की अनूठी सांस्कृतिक पहचान को उजागर करते हैं।
Republic Day 2025 : रामनामी समुदाय और आदिवासी संस्कृति की झलक-
झांकी के सामने वाले हिस्से में निराकार राम की उपासना करने वाले रामनामी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती स्त्री और पुरुष को दिखाया गया है, जिनके शरीर और कपड़ों पर ‘राम-राम’ शब्द अंकित हैं। इन पात्रों को रामचरितमानस का पाठ करते हुए दिखाया गया है, और इनके पास घुंघरुओं का प्रदर्शन किया गया है, जो भजन के लिए उपयोग होते हैं।
Republic Day 2025 : झांकी के मध्य में छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को दर्शाने वाले पहनावे, आभूषण, कलाकृतियां और कला परंपराओं का दृश्य प्रस्तुत किया गया है। इस हिस्से में तुरही वाद्य यंत्र और सल्फी वृक्ष को प्रमुखता से दिखाया गया है, जो बस्तर के लोक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
Republic Day 2025 : मयूर और आध्यात्मिकता का प्रतीक-
झांकी के पीछे मयूर का अंकन किया गया है, जो लोक जीवन के सौंदर्य और जीवंतता का प्रतीक है। यह झांकी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, प्रकृति और आध्यात्मिकता के गहरे संबंध को दर्शाती है, और इस प्रदेश की विविधताओं को एक सुंदर तरीके से प्रस्तुत करती है।

