शादी का झांसा देकर रेप, शादीशुदा महिला नहीं कर सकती दावा: बॉम्बे हाईकोर्ट
- VP B
- 29 Sep, 2024
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि एक विवाहित महिला यह दावा नहीं कर सकती कि उसे शादी का झांसा देकर बलात्कार किया गया। यह निर्णय पुणे में एक बलात्कार मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए आया।
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि एक विवाहित महिला यह दावा नहीं कर सकती कि उसके साथ शादी का झांसा देकर बलात्कार किया गया। यह फैसला पुणे में एक बलात्कार मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को अग्रिम जमानत देते हुए आया है। न्यायमूर्ति मनीष पिताले ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्ष विवाहित हैं, तो विवाह के वादे के आधार पर धोखाधड़ी का आरोप कानूनी दृष्टि से मान्य नहीं है।
यह मामला 18 जनवरी को दर्ज की गई एक घटना से संबंधित है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे शादी करने का वादा करके यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। हालांकि, अदालत ने यह टिप्पणी की कि महिला अपनी वैवाहिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह दावा नहीं कर सकती कि उसे शादी के झूठे वादे के आधार पर धोखा दिया गया।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने जांच में सहयोग किया, अपना मोबाइल फोन सौंपा, और पुलिस पूछताछ में शामिल हुआ था। अदालत को ऐसे कोई सबूत नहीं मिले, जिससे यह साबित होता कि उसने कोई आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किया, जैसा कि महिला ने आरोप लगाया था।
इन तथ्यों के मद्देनजर, अदालत ने ₹25,000 के निजी मुचलके पर आरोपी को जमानत दे दी। यह फैसला विवाहित व्यक्तियों के बीच सहमति से बने संबंधों में जटिलताओं और कानूनी दावों के मुद्दों को उजागर करता है।

