भोपाल में रेलवे यूनियन के चुनाव, कर्मचारियों ने प्रचार पोस्टर से स्टेशन को कर दिया गंदा
भोपाल। राजधानी भोपाल में इन दिनों रेलवे यूनियन प्रतिनिधियों के चुनाव चल रहे हैं। यूनियन प्रतिनिधि अपना - अपना प्रचार करने के लिए सारे नियम कायदे ताक पर रख रहे हैं। जिस स्वच्छ भारत स्वच्छ रेल के लिए रेलवे ने करोड़ो खर्च किये। जन जागरूकता से लेकर 15 दिन का पखवाड़ा चलाया। उसी स्वच्छता मिशन को रेलवे कर्मचारी ठेंगा दिखा रहे हैं। भोपाल स्टेशन के गेट से लेकर एक नंबर प्लेटफार्म की सभी दिवारों पर प्रचार पोस्टर चिपका दिये गए हैं। यहां तक कि भोपाल स्टेशन में जिस नई बिल्डिंग का अधिकारी स्टेशन का माडल पेश कर रहे थे।
उसी बिल्डिंग के कांच से लेकर गेट तक, वेटिंग रूम से लेकर टिकट काउंटर तक सभी जगह रेलवे कर्मचारियों ने अपने अपने यूनियन का प्रचार पोस्टर चिपका दिया है। भले ही स्टेशन ट्रेन और यात्रियों के लिए बना हो। लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने अपनी प्रापर्टी समझकर पूरे स्टेशन को देखने लायक नहीं छोड़ा है। डीआरएम कार्यालय से लेकर भोपाल स्टेशन, संत हिरदाराम नगर, निशातपुरा, रेलवे कालोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे इंस्टीट्यूट, कोच फैक्ट्री, सभी शासकीयजगहों पर जमकर पोस्टर पर्चे लगाए गए हैं। हालांकि ये बात अलग है कि रानीकमलापति स्टेशन का संचालन निजी हाथों में होने के कारण रेलवे कर्मचारी पोस्टर लगाने की हिम्मत नहीं कर पाए।
अब सवाल यह उठता है कि जितनी जल्दबाजी से सभी शासकीय सार्वजनिक जगहों पर यूनियन प्रतिनिधियों ने पोस्टर चिपकाए है उन्हे किसके खर्च पर हटाया जाएगा। क्या यूनियन प्रतिनिधि अपने खर्च पर सभी जगह सफाई कराएंगे या रेलवे प्रबंधन पर इसका बोझ डाला जाएगा। कुछ यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि सफाई के लिए रेलवे के पास ठेकेदार रहते हैं उनसे सफाई कराई जाएगी। फिलहाल चुनाव के चलते रेलवे प्रबंधन न तो कोई कार्यवाही कर रहा है और न ही इस पूरे मामले पर बोलने के लिए तैयार है।

