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Jatashankar Temple : पहाड़ी पर स्थित जटाशंकर मंदिर में महाशिवरात्रि में उमड़ती है शिव भक्तों की भीड़, पढ़ें पूरी खबर...

जो भगवान शिव के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए यहाँ पहुँचते हैं।

Jatashankar Temple : पहाड़ी पर स्थित जटाशंकर मंदिर में महाशिवरात्रि में उमड़ती है शिव भक्तों की भीड़, पढ़ें पूरी खबर...
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Jatashankar Temple : डोंगरगढ़। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम गाजमरा में स्थित जटाशंकर मंदिर एक ऐसा धार्मिक स्थल है, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह मंदिर बम्लेश्वरी देवी मंदिर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में एक विशाल पर्वत पर स्थित है, जो अपने आप में शिवलिंग का आकार लिए हुए है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो भगवान शिव के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए यहाँ पहुँचते हैं।

Jatashankar Temple : प्राचीन कथाओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास-
स्थानीय लोगों की मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान हजारों वर्ष पूर्व से शिवभक्तों का केंद्र रहा है। कहा जाता है कि यहाँ शिवजी के त्रिशूल मार्ग का अनुसरण करने वाले लोग महाज्ञानी और योग सिद्ध बनते थे। पहाड़ी के ऊपर बने विशाल मैदान में एक साथ लगभग 5000 लोग बैठकर ध्यान और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

Jatashankar Temple : सपने से शुरू हुई आस्था की कहानी-
मंदिर के इतिहास में एक रोचक घटना जुड़ी है। स्थानीय निवासी स्वर्गीय भगोली जी की पत्नी को एक बार सपने में भगवान शिव ने दर्शन दिए और पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। कुछ समय बाद उनकी यह इच्छा पूरी हुई, जिसके बाद से इस स्थान को शिवधाम के रूप में पूजा जाने लगा। भगोली जी के परिवार ने इस स्थान पर नियमित रूप से शिवरात्रि पर श्रीफल अर्पित करने की परंपरा शुरू की, जो आज भी जारी है।

Jatashankar Temple : मंदिर का जीर्णाेद्धार और विकास-
सन 1998 में वरिष्ठ शिक्षक बी.डी. दत्ता के नेतृत्व में इस पर्वत पर मंदिर का जीर्णाेद्धार कार्य शुरू हुआ। ग्रामीणों के सहयोग से यहाँ मंदिर का निर्माण किया गया, जिसका विकास कार्य अभी भी जारी है। आज यह मंदिर जटाशंकर मंदिर ट्रस्ट के तहत संचालित होता है और यहाँ महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य आयोजन होते हैं।

Jatashankar Temple : प्राकृतिक चमत्कार और आस्था का केंद्र-
इस पहाड़ी पर बने मंदिर के आसपास के पत्थरों पर साँपों की आकृतियाँ देखी जा सकती हैं। सावन के महीने में यहाँ नागराज के दर्शन की भी मान्यता है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जो श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देता है।

Jatashankar Temple : महाशिवरात्रि के अवसर पर जटाशंकर मंदिर में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ती है, और यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। यह मंदिर न केवल डोंगरगढ़ की पहचान है, बल्कि यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।


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