हमीदिया हॉस्पिटल के हड्डी रोग विभाग में जटिल ऑपरेशन, एक साथ जोड़े सात फैक्चर
भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल के हड्डी रोग विभाग ने जटिल सर्जरी कर सात फ्रेक्चर एक साथ जोड़े है। बड़ा ऑपरेशन होने के बाद घायल की सेहत में सुधार हो रहा है। अमूमन इस तरह के मामलों में दो से तीन बार ऑपरेशन कर एक एक कर हड्डियां जोड़ी जाती हैं। हमीदिया में यह पहला मामला है, जब इतने फ्रेक्चर एक साथ जोड़े गए हैं। जानकारी के मुताबिक भोपाल निवासी शैलेष गुप्ता अपने तीन कर्मचारियों के साथ आधी रात को आसाराम तिराहे से लोडिंग ऑटो से लौट रहा था। तभी वह रॉन्ग साइड खड़े बोरवेल ट्रक से टकरा गया था।
हादसा इतना गंभीर था कि दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं शैलेष को दाएं पैर के अलावा दोनों हाथों और चेहरे पर भी गंभीर चोट आई थी।हमीदिया के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष गोहिया ने बताया कि शैलेष जब अस्पताल आया तो उसकी हालत नाजुक थी। हमें भी नहीं पता था कि उसे कितनी चोट लगी है। सबसे पहले उसे स्टेबल कर बेड साइड एक्स-रे और अन्य जांच कराई गईं। जांच में पता चला कि उसके शरीर में 7 जगह फ्रेक्चर हैं। अमूमन इतने फ्रैक्चर वाले मामले कम आते हैं। हमने पहले पैर का ऑपरेशन करने का प्लान तैयार किया। इसके बाद हाथ और चेहरे का ऑपरेशन करना था।
हम मरीज को बार-बार ओटी में नहीं ले जाना चाहते थे, इसलिए एक साथ सभी फ्रेक्चर जोड़ने का प्लान तैयार किय। ऑपरेशन बड़ा था, इसलिए दो टीमें बनाई गईं। दूसरी टीम को लीड कर रहे डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि शैलेष के सीधे हाथ में दो, लेफ्ट आर्म में 3 फ्रैक्चर के साथ सीधे पैर में जांघ की हड्डी और पिंडली की हड्डी में भी फ्रैक्चर था। सभी फ्रेक्चर में रॉड डाली गई। आर्म में प्लेट डाली गई। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन जटिल था, लेकिन मरीज के विल पॉवर के चलते सफल हो सका।

