CG News : म्यूल खातों का भंडाफोड़, साइबर ठगी में जुड़े चार आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों के लेन-देन का खुलासा...
धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) बीएनएस के तहत संगठित अपराध और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

CG News : रायगढ़। पुलिस मुख्यालय रायपुर की तकनीकी सेल और साइबर टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक खातों से जुड़े एक संगठित साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया। इन खातों का उपयोग साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को जमा करने, बढ़ाने और खर्च करने के लिए किया जाता था। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि थाना चक्रधरनगर को मुख्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर 59 बैंक खाताधारकों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ अपराध क्रमांक 58/2025 के तहत धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) बीएनएस के तहत संगठित अपराध और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
CG News : कैसे चलता था साइबर ठगी का खेल?
हेमंत मालाकार (निवासी बासनपाली, पुसौर) स्थानीय लोगों से उनके बैंक खाते प्राप्त करता था। ये खाते आर्य शुबल पटेल (निवासी बाझिनपाली, जूटमिल) को सौंपे जाते थे। इसके बाद, आर्य शुबल पटेल इन खातों को साइबर ठगों को ऊंचे कमीशन पर उपलब्ध कराता था। इस नेटवर्क के जरिए लाखों रुपये के अवैध ट्रांजैक्शन किए जाते थे।
CG News : बड़े पैमाने पर हुआ लेन-देन-
जांच में खुलासा हुआ कि कौशल सिदार के खाते में एक बार में ₹1,00,000 जमा हुआ। धनीचरण बरेठ के खाते में 14 बार अलग-अलग तारीखों में ₹8,50,000 ट्रांसफर किए गए। आरोपियों को यह जानकारी थी कि यह धनराशि साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त की गई थी, फिर भी उन्होंने इसमें भाग लिया और भारी कमीशन कमाया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्य शुबल पटेल 31 वर्ष निवासी बाझिनपाली, हेमंत मालाकार 25 निवासी बासनपाली, कौशल सिदार 22 वर्ष निवासी नंदेली व धनीचरण बरेठ 26 वर्ष निवासी कुसमुरा है। इन सभी आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।


