बीजापुर IED ब्लास्ट में शहीद हुए जवानों को दंतेवाड़ा में श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री ने कहा नक्सली बौखलाए हुए हैं
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए IED ब्लास्ट में शहीद हुए जवानों को दंतेवाड़ा पुलिस मुख्यालय में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और मंत्री केदार कश्यप ने शहीद जवानों को कांधा देकर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री साय शहीदों के परिवारों से भी मिले और उन्हें संबल प्रदान किया। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सली बौखलाए हुए हैं, और उनकी कायराना हरकतों का उद्देश्य केवल शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बाधित करना है।
नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट, 8 जवान शहीद
नए साल के पहले हफ्ते में नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में बड़ा हमला किया। शनिवार और रविवार को बीजापुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में हुए एनकाउंटर के बाद, सोमवार को जब जवान वापस बेस कैंप लौट रहे थे, तो नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर उन्हें निशाना बना लिया। इस हमले में डीआरजी (डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गार्ड) के 8 जवान शहीद हो गए और वाहन के ड्राइवर की भी मौत हो गई।
अबूझमाड़ में एनकाउंटर के बाद शहीदी
शनिवार को दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बस्तर और कोंडागांव जिलों की ज्वाइंट एक्शन फोर्स ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया था, जिसमें पांच वर्दीधारी नक्सली मारे गए थे। इस ऑपरेशन में दंतेवाड़ा के एक जवान की भी शहादत हुई। ऑपरेशन के बाद सोमवार को जवान लौट रहे थे, जब उन्हें नक्सलियों ने IED ब्लास्ट से हमला किया।
70 किलोग्राम IED का प्रयोग
यह हमला बीजापुर जिले के भेज्जी और कुटरू पुलिस थाना क्षेत्र के बीच हुआ। नक्सलियों ने 70 किलोग्राम के शक्तिशाली IED का इस्तेमाल कर जवानों से भरी गाड़ी को उड़ा दिया। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि सड़क पर 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया और गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। इस हमले में शहीद हुए जवानों की पहचान हेड कांस्टेबल बुधराम कोरसा, कांस्टेबल पंडारू राम पोय, बामन सोढ़ी, दुम्मा मरकाम, सोमडू वेट्टी, सुदर्शन वेट्टी, सुबरनाथ यादव और हरीश कोरम के रूप में हुई।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि और सरकार पर विपक्षी आरोप
बीजापुर हमले के बाद पूरे बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि नक्सलियों से निपटने का तरीका जल्दबाजी में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवानों को सुरक्षा नहीं मिल रही, और ऑपरेशन के रास्ते पहले ही सार्वजनिक कर दिए जाते हैं, जिससे नक्सलियों को जवानों के बारे में जानकारी मिल जाती है।

