Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

RBI Repo Rate : RBI की बड़ी तैयारी, जून से रेपो रेट में कटौती, दिवाली से पहले सस्ता हो सकता है लोन

रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI इस वित्त वर्ष में कुल 1.25 प्रतिशत तक रेपो रेट कम कर सकता है, जो दिवाली से पहले जनता के लिए बड़ा तोहफा साबित हो सकता है।

RBI Repo Rate : RBI की बड़ी तैयारी, जून से रेपो रेट में कटौती, दिवाली से पहले सस्ता हो सकता है लोन
X

RBI Repo Rate : नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। आगामी मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठकों में रेपो रेट में कटौती की संभावना है, जिससे होम लोन, व्हीकल लोन और अन्य कर्ज सस्ते हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI इस वित्त वर्ष में कुल 1.25 प्रतिशत तक रेपो रेट कम कर सकता है, जो दिवाली से पहले जनता के लिए बड़ा तोहफा साबित हो सकता है।

RBI Repo Rate : जून से शुरू होगी कटौती की शुरुआत-

RBI की अगली MPC बैठक 4 से 5 जून 2025 को प्रस्तावित है, जिसमें 0.25 प्रतिशत की कटौती लगभग तय मानी जा रही है। इसके बाद अगस्त और सितंबर की बैठकों में भी 0.25-0.50 प्रतिशत की और कटौती हो सकती है। चूंकि इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को है, यह कदम आम लोगों के लिए त्योहारी सीजन में सस्ते लोन के रूप में एक खास उपहार होगा।

RBI Repo Rate : पहले भी मिल चुकी है राहत-

RBI ने चालू वित्त वर्ष में फरवरी और अप्रैल 2025 में दो बार 0.25 प्रतिशत की कटौती की है, यानी अब तक कुल 0.50 प्रतिशत की कमी हो चुकी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025-26 में रेपो रेट में कुल 125 बेसिस प्वाइंट (1.25%) की कटौती संभव है।

RBI Repo Rate : रेपो रेट का मतलब और इसका असर-

रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। इस दर में कमी से बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है, जिसका लाभ वे ग्राहकों को कम ब्याज दरों के रूप में देते हैं। इससे होम लोन, कार लोन और अन्य कर्जों की EMI कम हो जाती है, जिससे आम लोगों की आर्थिक बचत बढ़ती है।

RBI Repo Rate : आर्थिक विकास को मिलेगा बल-

विशेषज्ञों का कहना है कि रेपो रेट में कटौती से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और GDP ग्रोथ को समर्थन मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक हालिया रिपोर्ट में भी जून और अगस्त में कुल 0.75 प्रतिशत की कटौती की संभावना जताई गई है। यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा, बल्कि निवेश और व्यापार को भी बढ़ावा देगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire