Bharatmala Compensation Scam:भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में ED के छापे में मिले 66 लाख नकद और 37 किलो चांदी, डिजिटल सबूत बरामद
- Rohit banchhor
- 28 Apr, 2026
इस दौरान अधिकारियों ने 66 लाख रुपये से अधिक नकद, करीब 37 किलोग्राम चांदी और कई डिजिटल सबूत जब्त किए हैं।
Bharatmala Compensation Scam: रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने 66 लाख रुपये से अधिक नकद, करीब 37 किलोग्राम चांदी और कई डिजिटल सबूत जब्त किए हैं।
ED द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 28 अप्रैल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद में कुल 8 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई।
ED, Raipur Zonal Office has conducted search operations under PMLA, 2002 on 28.04.2026 at 8 premises located at Abhanpur, Raipur, Dhamtari and Kurud in the State of Chhattisgarh in connection with illegal receipt of compensation for land acquisition for the Raipur–Visakhapatnam… pic.twitter.com/HtBJa5DG82
तलाशी में क्या मिला-
छापेमारी के दौरान ED को 66.9 लाख रुपये की नकदी, 37.13 किलोग्राम चांदी (जिसमें चांदी की ईंटें और अन्य आभूषण शामिल हैं), डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद हुए। एजेंसी के मुताबिक, ये दस्तावेज़ घोटाले से जुड़े अहम सुराग दे सकते हैं।
ED की यह जांच ACB/EOW रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। FIR में अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू समेत अन्य आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और IPC, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और अन्य लोगों ने मिलीभगत कर सरकारी भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर और जालसाजी की। इसके जरिए रायपुर-विशाखापत्तनम फोरलेन एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले अवैध रूप से मुआवजा प्राप्त किया गया। ED का कहना है कि मामले की जांच में आगे और खुलासे होने की संभावना है।

