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Jalsha : टाइटन की ‘जलसा’, लग्जरी कार से महंगी है ये घड़ी, भारत के इस इमारत को है समर्पित...

केवल 10 पीस की सीमित संख्या में निर्मित ‘जलसा’ ने घड़ी उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच, ग्रैंड प्रिक्स डी’होरलॉजी डी जेनेवे (GPHG) 2025 में भारत की आधिकारिक भागीदारी सुनिश्चित की है।

Jalsha : टाइटन की ‘जलसा’, लग्जरी कार से महंगी है ये घड़ी, भारत के इस इमारत को है समर्पित...
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Jalsha : मुंबई। भारतीय घड़ी निर्माण में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, टाइटन ने अपनी अब तक की सबसे शानदार और महंगी घड़ी ‘जलसा’ का अनावरण किया है। 40.5 लाख रुपये की कीमत के साथ यह घड़ी न केवल टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी कारों की कीमत के बराबर है, बल्कि यह भारतीय शिल्पकला और वैश्विक हॉट होरलॉजी (haute horlogerie) का अनूठा संगम भी है। टाइटन के नेबुला ब्रांड के तहत निर्मित यह घड़ी जयपुर के ऐतिहासिक हवा महल की 225वीं वर्षगांठ को श्रद्धांजलि देती है। केवल 10 पीस की सीमित संख्या में निर्मित ‘जलसा’ ने घड़ी उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच, ग्रैंड प्रिक्स डी’होरलॉजी डी जेनेवे (GPHG) 2025 में भारत की आधिकारिक भागीदारी सुनिश्चित की है।

जलसा: एक पहनने योग्य कला कृति-

‘जलसा’ सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता कला का नमूना है। इसका डायल पद्मश्री सम्मानित कलाकार शाकिर अली द्वारा हस्तनिर्मित है, जो फारसी और मुगल शैली की लघु चित्रकला के अंतिम जीवित उस्तादों में से एक हैं। संगमरमर के बारीक नक्काशीदार टुकड़े पर प्राकृतिक रत्नों के रंगों, जैसे लैक, नील, हल्दी और सोने का उपयोग कर, डायल पर हवा महल की पृष्ठभूमि में महाराजा सवाई प्रताप सिंह को एक महावत के साथ हाथी पर सवार दर्शाया गया है। प्रत्येक डायल को बनाने में महीनों लगे, और हर ब्रशस्ट्रोक जयपुर की भव्यता और भारतीय विरासत को जीवंत करता है।

तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक-

‘जलसा’ के केंद्र में टाइटन का इन-हाउस फ्लाइंग टूरबिलन मूवमेंट है, जो 144 घटकों और 14 रत्नों से बना है। यह जटिल मूवमेंट समय की सटीकता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसे नीलम क्रिस्टल केसबैक के माध्यम से देखा जा सकता है। घड़ी में लाल सुलेमानी पत्थर (रेड एगेट) से जड़े वास्तुशिल्प पुल और मिनट हैंड पर एक नीलम क्रिस्टल मैग्निफायर शामिल हैं, जो डायल की सूक्ष्म कलाकृति को और निखारता है। 18K रोज़ गोल्ड से निर्मित यह घड़ी 43.5 मिमी व्यास और 68 ग्राम वजन के साथ एक शाही अनुभव देती है।

भारतीय शिल्पकला का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन-

टाइटन के प्रबंध निदेशक सी.के. वेंकटरमन ने कहा, “जलसा सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर है। यह भारतीय कला की भव्यता और घड़ी निर्माण की उत्कृष्टता का दुर्लभ संगम है। GPHG 2025 में इसे प्रस्तुत करना हमारे लिए गर्व का क्षण है।” मुख्य डिज़ाइन अधिकारी रेवती कांत ने जोड़ा, “जलसा डिज़ाइन से कहीं अधिक है – यह हमारी विरासत, विश्वास और कला का प्रतीक है, जो भारतीय लग्जरी को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है।”


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