Tirumala Controversy: हिंदू कर्मचारी ट्रांसफर करवाएं या VRS ले लें, वेंकटेश्वर मंदिर के बोर्ड ने लिए कई अहम फैसले, पढ़िए पूरी खबर
Tirumala Controversy: नई दिल्ली: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की पहली बैठक नए अध्यक्ष बीआर नायडू के नेतृत्व में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर प्रबंधन और भक्तों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। यह बैठक तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार हुई।
Tirumala Controversy: बैठक में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन के समय को कम करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए विशेषज्ञों का एक पैनल गठित होगा, जो AI और अन्य तकनीकों का उपयोग करके भीड़ नियंत्रण के उपाय सुझाएगा। तिरुमाला में प्रतीक्षा समय, जो कभी-कभी 20 घंटे तक बढ़ जाता है, इसे कम करना प्राथमिकता होगी।
Tirumala Controversy: गैर-हिंदू कर्मचारियों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। टीटीडी ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि मंदिर में कार्यरत गैर-हिंदू कर्मचारियों को अन्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए या उन्हें VRS की पेशकश की जाए।
Tirumala Controversy: इसके अलावा, तिरुपति बालाजी मंदिर में राजनीतिक बयानबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। बोर्ड ने निजी बैंकों से जमा राशि निकालकर उन्हें राष्ट्रीयकृत बैंकों में स्थानांतरित करने का भी निर्णय लिया। साथ ही, लड्डू निर्माण के लिए उच्च गुणवत्ता वाले घी की खरीद का प्रस्ताव पास किया गया।

