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जीवन में सकारात्मक ऊर्जा हो हर व्यक्ति अपने भाग्य का खुद विधाता:राजेश्वरी मोदी, एशियन न्यूज़ के साहित्य विचार एवं सम्मान 2024 में बतौर गेस्ट शामिल हुईं मोटिवेशनल स्पीकर

Motivational Speaker Rajeshwari Modi: हर व्यक्ति अपने भाग्य का खुद विधाता होता है। भले ही भगवान ने हमारा भाग्य लिखा हो, लेकिन

Motivational Speaker Rajeshwari Modi: हर व्यक्ति अपने भाग्य का खुद विधाता होता है। भले ही भगवान ने हमारा भाग्य लिखा हो, लेकिन

 रायपुर। Motivational Speaker Rajeshwari Modi: हर व्यक्ति अपने भाग्य का खुद विधाता होता है। भले ही भगवान ने हमारा भाग्य लिखा हो, लेकिन उन्होंने इसे पेंसिल से लिखा है, जिसे हम अपने कर्मों से मिटाकर स्थाई स्याही से खुद लिख सकते हैं, ​इसके लिए जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का होना आवश्यक है। ये कहना है नारायण रेकी सत्संग परिवार की संस्थापिका राज दीदी के नाम से प्रसिद्ध राजेश्वरी मोदी का।


Motivational Speaker Rajeshwari Modi: राजधानी रायपुर में शनिवार को होटल सिंघानिया सरोवर पोर्टिको में आयोजित एशियन न्यूज़ का "साहित्य विचार एवं सम्मान 2024" समारोह में शामिल होने पहुंचीं राज दीदी से एशियन न्यूज की एंकर आहना पुंज ने विशेष भेंट की। इस कार्यक्रम में आज की भाग दौड़ से भरी जिंदगी में जीवन में सकारात्मक ऊर्जा कैसे लाएं, इस पर उन्होंने जवाब दिएं... राज राजेश्वरी मोदी का विशेष इंटरव्यू: मानसिक शांति और सकारात्मक सोच पर उनकी प्रेरणादायक बातें:-


1. आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में, लोग मानसिक शांति कैसे पा सकते हैं?

राज राजेश्वरी मोदी का मानना है कि मानसिक शांति पाने का सबसे अच्छा तरीका है ध्यान और सकारात्मक सोच। उन्होंने कहा, “हमारा अवचेतन मन हमारी सोच का प्रतिबिंब है। यदि हम अपने विचारों को शांत और सकारात्मक रखें, तो मानसिक शांति स्वाभाविक रूप से हमारे जीवन का हिस्सा बन जाती है।”

2. सपनों को पूरा करने के सफर में आने वाली असफलताओं से आप कैसे निपटने की सलाह देंगी?

“असफलताएं सिर्फ सीखने के मौके हैं। जो भी असफलता सामने आए, उसे स्वीकार करें और उससे सीखें। जब आप अपने सपनों पर विश्वास करते हैं और सकारात्मक सोचते हैं, तो हर रुकावट आपके लिए नई राह बन जाती है।”

3. आपके अनुसार, साधारण व्यक्ति भी असाधारण काम कैसे कर सकता है?

“जो भी व्यक्ति अपनी सोच को सही दिशा में ले जाता है, वही असाधारण बन सकता है। अपने भीतर की क्षमताओं पर भरोसा करें, और हमेशा सोचें कि आप जो चाहते हैं, उसे हासिल कर सकते हैं। जो आप बोलते हैं, वही आपकी सच्चाई बनती है।”

4. क्या पैसा और खुशी के बीच तालमेल बिठाया जा सकता है? यदि हां, तो कैसे?

“पैसा और खुशी का तालमेल आपके सोचने के तरीके पर निर्भर करता है। यदि आप पैसों को एक साधन के रूप में देखते हैं और उसे अपने सकारात्मक अनुभवों में बदलते हैं, तो खुशी अपने आप आपके जीवन का हिस्सा बन जाएगी।”

5. लोग अक्सर खुद पर विश्वास खो देते हैं। आत्मविश्वास को फिर से जगाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

“खुद से अच्छे शब्द बोलें। हर दिन सुबह खुद से कहें कि आप इस दुनिया में खास हैं। जब आप अपने बारे में अच्छा बोलेंगे, तो आपका आत्मविश्वास फिर से जाग जाएगा।”

6. आपका क्या मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हर व्यक्ति क्या कर सकता है?

“हर व्यक्ति छोटे कदमों से शुरुआत कर सकता है। दूसरों के लिए अच्छा सोचें, अच्छा बोलें, और अपने आसपास सकारात्मकता फैलाएं। यही बदलाव का पहला कदम है।”

7. क्या छोटे-छोटे लक्ष्य तय करना बड़ी सफलता पाने की कुंजी है?

“बिल्कुल। छोटे लक्ष्य आपको बड़ा सपना हासिल करने की दिशा में प्रेरित करते हैं। जब आप हर छोटे लक्ष्य को पूरा करते हैं, तो आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता की राह आसान हो जाती है।”

8. आजकल युवाओं में धैर्य की कमी देखने को मिलती है। इसे सुधारने के लिए आपकी क्या सलाह होगी?

“धैर्य का निर्माण अपने विचारों और आदतों पर नियंत्रण से होता है। युवाओं को अपनी सोच को शांत और सकारात्मक रखना चाहिए। याद रखें, सब कुछ सही समय पर होता है।”

9. आपका मानना है कि सकारात्मक सोच जीवन की बड़ी चुनौतियों को कैसे आसान बना सकती है?

“सकारात्मक सोच आपकी ऊर्जा को सही दिशा में ले जाती है। जब आप हर समस्या में समाधान देखना शुरू करते हैं, तो चुनौतियां आसान लगने लगती हैं।”

10. परिवार और करियर के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है?

“दोनों के लिए समय और प्राथमिकता देना जरूरी है। जब आप अपना समय सही तरीके से प्रबंधित करते हैं और रिश्तों में सकारात्मकता रखते हैं, तो संतुलन अपने आप बन जाता है।”

11. लोगों को अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे बाहर लाने के लिए आप क्या सुझाव देंगी?

“अपनी रुचियों और क्षमताओं पर ध्यान दें। अपने बारे में अच्छा सोचें और खुद से कहें कि आप अपनी प्रतिभा को बाहर ला सकते हैं। जो भी आप सोचते और बोलते हैं, वही सच बनता है।”

12. आपके अनुसार, समाज में व्याप्त नकारात्मकता को कम करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं?

“हर व्यक्ति अपने विचारों और शब्दों में सकारात्मकता लाए। दूसरों को प्रेरित करें और उनके लिए अच्छा बोलें। यह नकारात्मकता को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है।”

13. क्या छोटे शहरों या गांवों के लोग भी बड़े सपने देख सकते हैं? कैसे?

“बिल्कुल। सपनों का कोई भौगोलिक दायरा नहीं होता। यदि आप अपने सपने पर विश्वास रखते हैं और अपने विचारों को सही दिशा में ले जाते हैं, तो कोई भी सपना सच हो सकता है।”

14. क्या आप मानती हैं कि हर किसी के जीवन में एक दूसरा मौका होता है? यदि हां, तो इसे पहचानने का तरीका क्या है?

“हां, हर किसी को दूसरा मौका मिलता है। इसे पहचानने के लिए अपनी सोच को खुले रखें और हर अनुभव से सीखें। जब आप खुद से कहेंगे कि यह मौका आपके लिए है, तो आप उसे पहचान लेंगे।”

15. आपके विचार से, समाज के लिए कुछ अच्छा करने की शुरुआत खुद से कैसे की जा सकती है?

“खुद को सकारात्मक बनाएं। जब आप अपने विचार, शब्द और कर्म को सकारात्मक दिशा में ले जाएंगे, तो समाज पर इसका प्रभाव स्वतः दिखने लगेगा। बदलाव हमेशा खुद से शुरू होता है।



अपने बचपन के संघर्ष की बातें भी कीं शेयर....



राज राजेश्वरी मोदी ने अपने जीवन के संघर्षों और उनसे मिली सीख को साझा करते हुए एक बेहद भावुक पक्ष उजागर किया। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में बचपन से ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके पिता ने उनके जीवन को एक मजबूत नींव दी।


राजेश्वरी जी ने बताया, “हम चार भाई-बहन थे। हमारी मां हमारे साथ नहीं थीं, लेकिन हमारे पिता ने कभी भी हमें इस कमी का एहसास नहीं होने दिया। उन्होंने न केवल हमें शिक्षा दी, बल्कि अच्छे संस्कार भी दिए। उन्होंने सिखाया कि जीवन में कठिनाइयों से डरने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।”


उनके पिता के संघर्षों और शिक्षाओं ने उन्हें सिखाया कि हर मुश्किल को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे पिता ने अपने जीवन में बहुत कुछ सहा, लेकिन हमेशा हमें यह विश्वास दिलाया कि हम जो सोचते हैं और बोलते हैं, वही हमारे जीवन में घटित होता है। उन्होंने हमें सिखाया कि अच्छे विचार और शब्द इंसान की सबसे बड़ी ताकत हैं।”


राजेश्वरी मोदी ने अपने पिता की शिक्षाओं को अपने जीवन का आधार बनाया और आज वह खुद को एक मजबूत और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में देखती हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पिता ने हमें जो दिया, वह सिर्फ एक सीख नहीं थी, बल्कि जीने का सही तरीका था। उनकी दी गई शिक्षा ने हमें जीवन में हर परिस्थिति का सामना करने लायक बनाया।”


संघर्षों से मिली यह प्रेरणा


राजेश्वरी मोदी ने अपनी इस यात्रा से सीखा कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, सकारात्मक सोच और मजबूत इरादा हर बाधा को पार कर सकता है। उनके पिता के द्वारा दी गई यह सीख आज भी उनके हर निर्णय और सफलता में झलकती है।


उनके जीवन का यह संघर्ष और पिता का सहयोग हर किसी को यह सिखाता है कि कठिनाइयों के बावजूद, अगर आपके पास सही मार्गदर्शन और सोच हो, तो आप जीवन में किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं।

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