Raipur City Crime : पुलिस ने किया देवार गिरोह का पर्दाफाश, 18 चोरियों का खुलासा, 6 गिरफ्तार...
- Rohit banchhor
- 11 Jul, 2025
इस गिरोह के 5 सक्रिय चोरों और 1 माल खपाने वाले सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Raipur City Crime : रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने शहर की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में खाली मकानों को निशाना बनाकर 18 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर गठित एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की 30 सदस्यीय विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस गिरोह के 5 सक्रिय चोरों और 1 माल खपाने वाले सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 260.585 ग्राम (26.50 तोला) सोना, 1 किलो 634 ग्राम चांदी, 5 मोबाइल फोन, 5 दोपहिया वाहन (जिनमें एक वाहन चोरी के पैसों से खरीदा गया था) और अन्य उपकरण सहित कुल 30.10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। जांच में पता चला कि यह गिरोह मुजगहन, अभनपुर, विधानसभा, पंडरी, खम्हारडीह और डी.डी.नगर थाना क्षेत्रों में रात के समय खाली मकानों में सेंधमारी कर चोरी करता था। गिरोह का मास्टरमाइंड भूपेंद्र साहू और करण ध्रुव हैं, जबकि चोरी के गहनों को सोनझरा कार्य करने वाले उनके परिचित सुरेश सोनझरा को बेचा जाता था, जिसे भी गिरफ्तार किया गया है।
एंटी क्राइम यूनिट ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों में सागर नगरहा 21 वर्ष, भूपेंद्र साहू 22 वर्ष, शुभांकर पटेल 21 वर्ष, रवि नेताम 25 वर्ष और करण ध्रुव 25 वर्ष शामिल हैं, जो सभी रायपुर के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। इनमें से भूपेंद्र साहू, करण ध्रुव और शुभांकर पटेल पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं, जबकि रवि नेताम मारपीट के एक मामले में जेल में रह चुका है। सह-अरोपी सुरेश सोनझरा 46 वर्ष चोरी का माल खरीदने में संलिप्त था, जिसके खिलाफ धारा 317 बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई की गई है। \
पुलिस ने जब्त सामग्री और बयानों के आधार पर 18 चोरी के मामलों का खुलासा किया है, जिनमें मुजगहन थाने के 9, अभनपुर के 4, विधानसभा के 2, पंडरी और डी.डी.नगर के 1-1 और खम्हारडीह का 1 मामला शामिल है। आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4), 305, और 3(5) बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अन्य संभावित वारदातों की जांच कर रही है और फरार संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

