Mahashivratri 2025 : भद्रा के साये में मनाई जाएगी महाशिवरात्रि का पर्व, जानें शुभ मुहूर्त
Mahashivratri 2025 : नई दिल्ली। महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित है। शिव भक्त इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। महाशिवरात्रि 2025 (Maha Shivratri 2025) पर भद्रा का साया रहेगा, जिसके कारण पूजा के समय को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि 2025 तिथि और समय-
वैदिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि की तिथि 26 फरवरी 2025 को सुबह 11 बजकर 08 मिनट से शुरू होगी और 27 फरवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। इस दौरान भक्त महादेव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
Mahashivratri 2025 : भद्रा का समय और महत्व-
26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 03 मिनट से रात 10 बजकर 17 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा के दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। हालांकि, इस बार भद्रा पाताल लोक में होगी, जिसके कारण महाशिवरात्रि के दिन किसी भी समय पूजा की जा सकती है।
Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त-
पहला प्रहर: शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 09 बजकर 26 मिनट तक
दूसरा प्रहर: रात 09 बजकर 26 मिनट से देर रात 12 बजकर 34 मिनट तक
इन समयों में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Mahashivratri 2025 : व्रत पारण का समय-
27 फरवरी को सुबह 06 बजकर 48 मिनट से 08 बजकर 54 मिनट तक व्रत का पारण किया जा सकता है।
महाशिवरात्रि का पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाने से भक्तों को महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस बार भद्रा के साये में मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि पर विधिपूर्वक पूजा करके भक्त अपने जीवन में सुख और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

