खान सर की गिरफ़्तारी या हिरासत में? पटना पुलिस ने किया स्पष्ट, BPSC का भी आया जवाब
नई दिल्ली: सोशल मीडिया सेंसेशन खान सर, इन दिनों जांच के घेरे में हैं। उनके खिलाफ उनके ट्विटर हैंडल "खान ग्लोबल स्टडी" पर फर्जी पोस्ट फैलाने और छात्रों को गुमराह करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि खान सर ने छात्रों के बीच भ्रम फैलाने के लिए फर्जी जानकारी प्रसारित की।
हालांकि, इस मामले में एसडीपीओ सचिवालय, डॉ. अन्नू कुमार ने स्पष्ट किया कि खान सर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। डॉ. कुमार ने बताया कि, "खान सर को पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया था। वे अपनी कार के पास अटल पथ पर थे और गांधीनगर पुलिस ने उन्हें थोड़ी बातचीत के बाद छोड़ दिया था।" इसके बावजूद, अफवाहों का बाजार गर्म था और यह अनुमान लगाए जा रहे थे कि खान सर की गिरफ्तारी हो चुकी है।
विवाद की शुरुआत 6 दिसंबर को हुई जब खान सर छात्रों के साथ आगामी 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के नियमों में बदलाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि प्रदर्शन के बाद खान सर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद छात्रों की भारी भीड़ पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गई और उनकी रिहाई की मांग की।
हालांकि, पुलिस ने बाद में इन अफवाहों को खारिज करते हुए खान सर को रिहा कर दिया। विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्र 13 दिसंबर को होने वाली बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा से संबंधित नियमों में बदलाव के खिलाफ थे। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज भी किया, जिसके बाद अफवाहें फैल गईं कि खान सर को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि खान सर की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
BPSC का स्पष्टीकरण: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की अफवाहें निराधार
बीपीएससी ने इस विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी पर स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि 70वीं बीपीएससी परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का कोई प्रस्ताव नहीं था, जैसा कि कई मीडिया रिपोर्ट्स और कोचिंग संचालकों ने दावा किया था। बीपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया कि 13 दिसंबर को परीक्षा उसी निर्धारित समय – दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक – आयोजित की जाएगी और नॉर्मलाइजेशन का कोई सवाल नहीं है।
नॉर्मलाइजेशन एक प्रक्रिया है जो विभिन्न सत्रों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अंकों के समायोजन के लिए अपनाई जाती है, ताकि विभिन्न सत्रों के उम्मीदवारों के अंकों का तुलनात्मक मूल्यांकन किया जा सके। लेकिन बीपीएससी ने पुष्टि की है कि आगामी परीक्षा में इस प्रक्रिया का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा।
आज दिनांक 07.12.24 की सुबह सोशल मीडिया साइट ट्विटर (X) पर खान ग्लोबल स्टडीज ( @kgs_live ) नाम के एक हैंडल से एक तथ्यहीन, भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट किया गया है जिसमें खान सर की रिहाई की मांग की जा रही है।
— Patna Police (@PatnaPolice24x7) December 7, 2024
पटना पुलिस द्वारा खान सर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उक्त पोस्ट में कहीं गई… pic.twitter.com/nVeULIKTPN

