Vision 2050: यूपी में हाइड्रोजन बसें चलाने की तैयारी, प्रदेश में बनेंगे नए और आधुनिक बस अड्डे
Vision 2050: लखनऊ: परिवहन विभाग ने विजन 2050 के तहत आगामी 25 वर्षों के लिए व्यापक बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इसके तहत बस अड्डों के आधुनिकीकरण और कई सेवाओं के निजीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, चारबाग और विभूतिखंड बस अड्डों का नवीनीकरण तेजी से किया जा रहा है, जबकि कैसरबाग और जानकीपुरम बस अड्डों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। अमौसी क्षेत्र में एक नया बस अड्डा बनाया जाएगा और आउटर रिंग रोड पर आठ नए बस स्टेशनों की स्थापना की योजना है। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोजन से चलने वाली बसों को भी बेड़े में शामिल किया जाएगा।
निजीकरण के तहत लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और फिटनेस से जुड़े कार्य निजी एजेंसियों को सौंपे जाएंगे। लखनऊ में वाहन फिटनेस की व्यवस्था पहले ही निजी क्षेत्र को दी जा चुकी है और जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस की जांच भी निजी संस्थाओं के जिम्मे होगी। विभाग नियामक की भूमिका निभाते हुए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। इस विजन के तहत पूरे प्रदेश में 300 आधुनिक बस स्टेशन, 50 हजार पर्यावरण अनुकूल बसें, रैपिड बस ट्रांजिट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल हब और उन्नत आईटी सिस्टम विकसित किए जाएंगे।

