CG News : रिश्वत और ठगी पर सख्ती, डॉक्टर बर्खास्त, आरक्षक पर जांच तेज
- Rohit banchhor
- 15 Jul, 2025
वहीं, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आरक्षक हेमंत नायक पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसकी जांच को और तेज कर दिया गया है।
CG News : रायपुर। भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए धमतरी जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.ए. नसीम को रिश्वत के एक पुराने मामले में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आरक्षक हेमंत नायक पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसकी जांच को और तेज कर दिया गया है।
डॉ. एम.ए. नसीम की बर्खास्तगी, 11 साल पुराना रिश्वत मामला-
धमतरी जिला अस्पताल में पदस्थ रहे डॉ. एम.ए. नसीम को 2014 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इस मामले में रायपुर की विशेष अदालत ने 2018 में उन्हें एक साल की सजा और 15,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। डॉ. नसीम ने इस फैसले को बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन लंबे समय तक मामला लंबित रहा। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग और शासन ने पूरे प्रकरण की समीक्षा की और भ्रष्टाचार निरोधक नियमों के तहत डॉ. नसीम को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।
आरक्षक हेमंत नायक पर साइबर ठगी का गंभीर आरोप-
दूसरी ओर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सारंगढ़ में तैनात आरक्षक हेमंत नायक पर साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। 3 जुलाई 2024 को दर्ज शिकायत के अनुसार, नायक ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर और खुद को पुलिस अधीक्षक बताकर लोगों से बैंक खातों को फ्रीज और डी-फ्रीज करने के नाम पर अवैध वसूली की। सूत्रों के मुताबिक, नायक ने अपनी तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपये की ठगी की है।
वह पहले बलौदाबाजार साइबर सेल में तैनात था, जहां उसे बैंकिंग और डिजिटल सिस्टम की गहरी समझ हासिल थी। बलौदाबाजार पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नायक को गिरफ्तार कर लिया और उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर गठित विशेष टीम अब नायक की संपत्ति, बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है।

