Indian Railways: बिलासपुर–जयरामनगर रेलखंड में ‘कवच’ ट्रायल का शुभारंभ, रेल सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
- Pradeep Sharma
- 11 Jan, 2026
Indian Railways: बिलासापुर/रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेल संरक्षा और संचालन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को बिलासपुर मंडल के अंतर्गत बिलासपुर–जयरामनगर रेलखंड में ‘कवच’ प्रणाली
Indian Railways: बिलासापुर/रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेल संरक्षा और संचालन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को बिलासपुर मंडल के अंतर्गत बिलासपुर–जयरामनगर रेलखंड में ‘कवच’ प्रणाली से सुसज्जित लोकोमोटिव के ट्रायल का शुभारंभ किया गया। यह ट्रायल मुख्य रूप से ब्लॉक सेक्शन में स्थापित प्रोग्राम्ड टैग्स की रीडिंग को सत्यापित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
Indian Railways: ट्रायल के दौरान ‘कवच’ से लैस लोकोमोटिव की ऑटोमैटिक ब्रेकिंग प्रणाली को विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में भी परखा गया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह आधुनिक प्रणाली वास्तविक परिचालन में मजबूती से काम कर सके। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अत्याधुनिक तकनीक का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जा रहा है, ताकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अन्य रेलखंडों में इसके त्वरित और प्रभावी कार्यान्वयन में सहायता मिल सके। ट्रायल्स में ट्रेन रनिंग स्टाफ की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि वे ‘कवच’ की कार्यप्रणाली को भली-भांति समझ सकें और इसके संचालन में दक्षता हासिल कर सकें।
Indian Railways: क्या है ‘कवच’ सिस्टम कैसे करता है काम
‘कवच’ भारत की राष्ट्रीय ऑटोमैटिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे सिग्नल पासिंग एट डेंजर, आमने-सामने या पीछे से होने वाली टक्करों को रोकने, गति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा मानवीय त्रुटियों से होने वाली दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए विकसित किया गया है। यह प्रणाली इन-कैब सिग्नल डिस्प्ले, मूवमेंट अथॉरिटी की सतत निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर स्वचालित ब्रेकिंग हस्तक्षेप के माध्यम से रेल संचालन को सुरक्षित बनाती है और लोको पायलटों तथा परिचालन कर्मचारियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है।
Indian Railways: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का लक्ष्य केवल अपने नेटवर्क में ‘कवच’ का शीघ्र कार्यान्वयन करना ही नहीं है, बल्कि एक मजबूत प्रशिक्षण एवं दक्षता पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना भी है। इसके अंतर्गत रेलवे कर्मियों को इस महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणाली के संचालन और अनुरक्षण में पूर्ण दक्षता प्रदान की जाएगी। रेल सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले इस कदम से उम्मीद है कि दुर्घटना-रहित और अधिक विश्वसनीय रेल परिचालन की दिशा में भारतीय रेल एक महत्वपूर्ण मुक़ाम हासिल करेगी, जिससे यात्रियों और रेल कर्मचारियों दोनों को लाभ मिलेगा।

