सहारा जमीन फर्जीवाड़े में शिकायतकर्ता ने ईओडब्ल्यू में दर्ज करवाएं बयान, आरोप-सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का नही हुआ पालन
भोपाल। सहारा समूह की भोपाल और प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित जमीन औने-पौने दामों में बेचने के मामले के मुख्य शिकायतकर्ता आशुतोष दीक्षित के बयान आज आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में दर्ज किए गए। ईओडब्ल्यू ने शिकायतकर्ता को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। सहारा जमीन घोटाले में शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित ने अपने बयान दर्ज करने के बाद आरोप लगाते हुए कहा कि 1000 करोड रुपए की जमीन को मात्र 98 करोड रुपए में बेच दिया गया। जमीन बेचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि मेरे साथ संजय पाठक और उनकी कंपनी के पदाधिकारी को भी नोटिस भेजा गया था। लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी वह लोग ईओडब्ल्यू नहीं पहुंचे। आशुतोष ने कहा कि भोपाल जबलपुर और कटनी में सहारा की जमीन को मिट्टी के मोल बेच दिया गया हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार जमीन बेचने के बाद जो पैसा आता उसको शहर के जॉइंट अकाउंट में जमा किया जाना था उसे शहर की दूसरी कंपनियों में जमा किया गया। सहारा की जमीन को बेचने के बाद भी सहारा में निवेश करने वालों को पैसा नहीं मिला।
दरअसल इस मामले की एक शिकायत कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित ने ईओडब्ल्यू में की थी। शिकायत में कहा गया था कि एक विधायक के परिवार से जुड़ी कंपनी शिनाप रियल एस्टेट ने भोपाल में 112 एकड़ जमीन महज 48 करोड़ में खरीद ली, जबकि इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ही 125 करोड़ की दर तय की थी। इस जमीन का बाजार भाव लगभग 500 करोड़ रुपए है।

