Breaking News
Singer Rihanna spotted in India: मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुई सिंगर रिहाना; दो साल बाद फिर लौटीं भारत
Jharkhand : झारखंड के कर्मचारियों को देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा, सोरेन सरकार ने साइन किया एमओयू
UP Crime : महिला से होटल में गैंगरेप : वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप, 7 लोगों पर मुकदमा दर्ज
Create your Account
हर साल 22 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय गणित दिवस!, जानिए क्या है इसकी वजह
नई दिल्ली: भारत में हर साल 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है, जो महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। रामानुजन ने केवल 32 वर्ष की उम्र में गणित के क्षेत्र में अपार योगदान दिया, और उनकी 3,900 से अधिक गणितीय सूत्रों में से कई आज भी शोध और प्रौद्योगिकी में उपयोगी हैं।
रामानुजन की सबसे प्रसिद्ध योगदानों में उनके द्वारा विकसित अनंत श्रृंखलाएं शामिल हैं, जिनका उपयोग π (पाई) के अत्यधिक सटीक और तेज़ तरीके से गणना के लिए किया जाता है। उनके द्वारा गणितीय संख्या सिद्धांत और मॉड्यूलर फॉर्म्स पर किए गए कार्यों ने आधुनिक क्रिप्टोग्राफी और गणितीय सिद्धांतों की नींव रखी।
शिक्षा और जीवन-
22 दिसंबर, 1887 को तमिलनाडु के एरोड में जन्मे रामानुजन को गणित के प्रति गहरा प्रेम था, और उन्होंने बिना औपचारिक प्रशिक्षण के ही कई गणितीय प्रमेयों की खोज की। उनका प्रसिद्ध "1729" संख्या को दो अलग-अलग तरीकों से दो घनों के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इसे "रामानुजन नंबर" कहा जाता है।
कैम्ब्रिज और G.H. हार्डी से सहयोग-
उनकी गणितीय प्रतिभा ने ब्रिटिश गणितज्ञ G.H. Hardy का ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने उन्हें कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय आमंत्रित किया। वहां रामानुजन ने कई महत्वपूर्ण शोध पत्रों पर काम किया।
सम्मान और मान्यता-
1917 में वे रॉयल सोसाइटी के फेलो बने, और 1918 में ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज में भारतीय होने वाले पहले फेलो बने। 1919 में भारत लौटने के बाद रामानुजन का स्वास्थ्य खराब हो गया, और 1920 में उनकी मृत्यु हो गई। रामानुजन का जीवन और उनके कार्य आज भी गणितज्ञों, भौतिकविदों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी गणितीय सरलता और गहराई को "The Man Who Knew Infinity" पुस्तक में जीवंत किया गया, जो 2015 में फिल्म के रूप में भी प्रदर्शित हुई थी। राष्ट्रीय गणित दिवस रामानुजन के अद्वितीय योगदान को याद करने का दिन है और उनकी धरोहर को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
Related Posts
More News:
- 1. LIVE : ये हमारी लड़ाई का अंत नहीं, PM Modi live address nation on Women Reservation Bill
- 2. Disha Vakani Father Death: ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फेम दयाबेन के पिता भीम वकानी का निधन, बेटे मयूर ने दी जानकारी, अहमदाबाद में होगा अंतिम संस्कार
- 3. Bank Robbery : फिल्मी अंदाज में हुई बैंक डकैती, 10 मिनट में 7 करोड़ का सोना लेकर फरार
- 4. Thursday Horoscope: जानिए कैसा रहेगा आपके लिए गुरुवार का दिन, पढ़ें अपना दैनिक राशिफल
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Popular post
Live News
Latest post
You may also like
Subscribe Here
Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

