नियुक्ति के इंतजार में तरस रही आंखें, वेटिंग शिक्षकों ने दंडवत होकर लगाई गुहार
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूट रहा है। भोपाल में पदवृद्धि के साथ नियुक्ति देने की मांग को लेकर 2018 में पात्रता परीक्षा पास कर चुके वेटिंग अभ्यर्थियों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से पुरुष अभ्यर्थी दंडवत करते हुए डीपीआई पहुंचे। इस बीच महिलाओं के केस त्यागने का भी कार्यक्रम था लेकिन किसी वजह से उसे रद्द करना पड़ा हालांकि पुरुष शिक्षकों ने दंडवत होकर नियुक्ति की गुहार लगाई।
इधर जैसे ही अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचनालय पहुंचे तो वह विभागीय जिम्मेदार उनसे मिलने नहीं पहुंचे इसके चलते अभ्यर्थियों ने गेट के सामने ही धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरू कर दी। महिला अभ्यर्थियों ने अपने साथ लेकर आए ज्ञापन को गेट पर ही चस्पा कर न्याय की गुहार लगाई। साथ ही चेतावनी दी के उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह आगे मुख्यमंत्री के उज्जैन स्थित गृह निवास में जाकर प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि वर्ग 1 2023 भर्ती की दूसरी काउंसलिंग में 20 हजार पदों की वृद्धि के लिए मांग की जा रही हैं।
शिक्षकों का कहना है कि अब तक मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए केवल पात्रता परीक्षा आयोजित की जाती थी, लेकिन वर्ग 1 के रोस्टर में लगभग 45 प्रतिशत बैकलॉग हैं और नए (फ्रेश) पदों की संख्या कम होने के कारण, श्रेणीवार केवल 6 से 8 पद ही आवंटित हो पा रहे हैं। इस वजह से अच्छे अंक लाने के बावजूद कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि कई वर्षों से तैयारी करने के बाद वे अब अपने जीवन के अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुके हैं। यह उनका अंतिम अवसर है। वर्ष 2018 से लंबे समय के इंतजार के बाद 5 साल बाद परीक्षा आयोजित की गई थी, फिर भी पद इतने कम क्यों हैं, यह उनका प्रमुख सवाल है।

