गुलमर्ग में बर्फ में फंसे पर्यटकों के लिए देवदूत बनी भारतीय सेना, 68 लोगों को सुरक्षित निकाला...
Jammu and Kashmir : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के बीच भारतीय सेना ने मानवीयता और वीरता का परिचय देते हुए 68 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया। सेना की चिनार कोर ने इस अभियान को अंजाम दिया, जिसमें 30 महिलाएं, 30 पुरुष और 8 बच्चे शामिल थे। ये पर्यटक गुलमर्ग और तंगमार्ग के बीच भारी बर्फबारी के कारण फंस गए थे।
Jammu and Kashmir : बता दें कि सेना को सिविल प्रशासन से कॉल मिली थी, जिसमें पर्यटकों के फंसे होने की सूचना दी गई। तुरंत कार्रवाई करते हुए चिनार वॉरियर्स की टीम ने मौके पर पहुंचकर पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। सभी 68 लोगों को गर्म खाना, दवाइयां और शेल्टर मुहैया कराया गया। चिनार कोर ने कुलगाम के मुनाद गांव से एक गर्भवती महिला के लिए संकट कॉल का भी जवाब दिया। भारी बर्फबारी के बावजूद बचाव दल समय पर पहुंचा और महिला को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करते हुए यारीपोरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। भारतीय सेना ने इस अभियान में न केवल फंसे हुए 68 लोगों को बचाया बल्कि 137 अन्य पर्यटकों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उन्हें ठंड से बचने के लिए गर्म खाना और शेल्टर उपलब्ध कराया गया।
Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और यातायात जाम-
जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब मौसम के चलते हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अनंतनाग के काजीगुंड कस्बे में लगभग 2000 वाहन फंस गए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जानकारी दी कि प्रशासन भारी वाहनों को प्राथमिकता देते हुए यातायात बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
Jammu and Kashmir : भारतीय सेना का सराहनीय योगदान-
भारतीय सेना की चिनार कोर, जिसका नाम कश्मीर के चिनार वृक्ष से लिया गया है, राज्य के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का जिम्मा संभालती है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने सेना की तत्परता और जनसेवा की भावना को फिर से साबित किया है।
Jammu and Kashmir : स्थानीय प्रशासन की स्थिति पर अपडेट-
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर जानकारी दी कि अनंतनाग के डिप्टी कमिश्नर की टीम फंसे हुए वाहनों को निकालने में जुटी है। मौसम की चुनौती के बावजूद यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जहां आवश्यक होगा, वहां सेना और स्थानीय टीमों की मदद से राहत पहुंचाई जाएगी।

