Suvendu Adhikari Oath Ceremony: सुवेंदु सोनार बांग्ला के नए ‘अधिकारी’, थोड़ी ही देर में शुरु होगा शपथ ग्रहण समारोह
- Pradeep Sharma
- 09 May, 2026
कोलकाता। Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 9 मई 2026 की तारीख बंगाल के सियासी इतिहास में दर्ज होने वाली है भाजपा सरकार की कमान सुवेंदु अधिकारी संभालने जा रहे हैं।
कोलकाता। Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 9 मई 2026 की तारीख बंगाल के सियासी इतिहास में दर्ज होने वाली है क्योंकि पहली बार राज्य में भाजपा सरकार की कमान सुवेंदु अधिकारी संभालने जा रहे हैं। थोड़ी ही देर में सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे तो वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद रहेंगे। इनके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था
भाजपा ने इस भव्य समारोह के लिए मैदान में 50 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले लोग आराम से बैठ सकें। समर्थकों की मानें तो यह आयोजन केवल एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं है बल्कि यह उस 15 साल पुराने तृणमूल कांग्रेस के किले के ढहने की औपचारिक घोषणा है जिसने बंगाल की राजनीति को लंबे समय तक अपनी गिरफ्त में रखा था।
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: कलाकारों और उद्योगपतियों की भी होगी मौजूदगी
भाजपा ने इस समारोह के जरिए सोनार बांग्ला यानी स्वर्णिम बंगाल की अपनी सोच को भी पेश करने की कोशिश की है। मेहमानों की पहली बार जो लिस्ट तैयार की गई है, उसे राजनीति से इतर रखा गया है ताकि इसमें इंडस्ट्रियल और कल्चरल जुड़ाव दिखे। जाने-माने उद्योगपति संजय बुधिया और सज्जन भंजका जैसे कारोबारी नेताओं को न्योता भेजा गया है।
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: साथ ही कल्चरल हस्तियों में से मशहूर डांसर और एक्ट्रेस ममता शंकर, लेखकों और कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा कई जज और रिटायर्ड जज भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। बंगाल के प्रतिष्ठित परिवारों और अनुभवी राजनेताओं के परिवारों को न्योता भेजकर पार्टी ने एक समावेशी माहौल बनाने की पहल की है। यह पहली बार है जब किसी शपथ ग्रहण समारोह में राजनीति के साथ-साथ कला और व्यापार का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

