Gautam Gambhir: क्लीन स्वीप के बाद कोच गौतम गंभीर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मेरी सफलताएं नहीं भूलनी चाहिए', मेरा भविष्य BCCI तय करेगा
Gautam Gambhir: नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 0-2 से टेस्ट सीरीज हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर एक बार फिर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। गुवाहाटी टेस्ट की पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजी के पतन के दौरान सोशल मीडिया पर गंभीर को हटाने की मांग तेज हो गई थी। सीरीज गंवाने के बाद यह विरोध और बढ़ गया है। अब गंभीर ने भी अपने भविष्य पर खुलकर बात की है और साफ कहा है कि आगे क्या होना है, इसका फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ही करेगा।
Gautam Gambhir: 13 महीनों में दूसरी घरेलू टेस्ट सीरीज हार
गुवाहाटी टेस्ट में भारत को 408 रन से करारी हार झेलनी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने 549 रन का विशाल लक्ष्य दिया था, जिसके जवाब में भारत दूसरी पारी में सिर्फ 140 रन पर सिमट गया। इससे पहले कोलकाता टेस्ट भी भारत 30 रन से हार गया था। यह 13 महीनों के भीतर दूसरी बार है जब टीम इंडिया को घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराया था।
Gautam Gambhir: गंभीर का बयान - “दोष सबका है, शुरुआत मुझसे”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों की याद दिलाते हुए कहा कि उनके रहते टीम ने इंग्लैंड को चुनौती दी और चैंपियंस ट्रॉफी जीती। उन्होंने कहा, “बीसीसीआई ही मेरे भविष्य पर निर्णय लेगा। लेकिन मैं वही कोच हूं जिसने आपको इंग्लैंड के खिलाफ नतीजे और बड़ी ट्रॉफी दिलाई है।” उन्होंने टीम की नाकामी पर कहा, “95/1 से 122/7 होना अस्वीकार्य है। इसमें गलती किसी एक की नहीं, सभी की है और इसकी शुरुआत मुझसे होती है।”
Gautam Gambhir: कोच रहते 18 में से 10 टेस्ट गंवाए
गंभीर की आलोचना टीम चयन और लगातार बदलावों को लेकर भी बढ़ी है। लाल गेंद क्रिकेट में अधिक ऑलराउंडर खिलाने की रणनीति पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। गंभीर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में “सीमित कौशल वाले लेकिन मजबूत व्यक्तित्व” वाले खिलाड़ियों की ज्यादा जरूरत होती है।

