गृह मंत्रालय ने दी सीआईएसएफ में पहली महिला बटालियन को मंजूरी, जानें पूरा प्लान
नई दिल्ली: गृह मंत्रालय (एमएचए) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में पहली महिला बटालियन की स्थापना को मंजूरी दी है। इस नई "रिजर्व बटालियन" में 1,025 महिला कर्मियों की तैनाती होगी, जिनका नेतृत्व एक वरिष्ठ कमांडेंट करेंगे। यह बटालियन सीआईएसएफ के लिए एक समर्पित महिला इकाई के रूप में कार्य करेगी।
वर्तमान में, सीआईएसएफ में कुल 1.8 लाख कर्मियों में से लगभग 7% महिलाएँ हैं, और इस पहल का उद्देश्य इस संख्या को बढ़ाना है। इस विशेष बटालियन के लिए भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रियाएँ शुरू हो चुकी हैं, साथ ही सीआईएसएफ इस इकाई के लिए उपयुक्त मुख्यालय की भी तलाश कर रहा है।
यह महिला बटालियन विविध सुरक्षा जिम्मेदारियों के लिए प्रशिक्षित की जाएगी, जिसमें वीआईपी सुरक्षा में कमांडो ड्यूटी, हवाई अड्डों और दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचों की सुरक्षा शामिल है। सीआईएसएफ के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम को इन कर्मियों को बहुमुखी भूमिकाओं और विशिष्ट अभियानों के लिए तैयार करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है।
फिलहाल, सीआईएसएफ में मिश्रित लिंग कर्मियों के साथ 12 रिजर्व बटालियन हैं। यह समर्पित महिला बटालियन गृह मंत्री अमित शाह की पहल का हिस्सा है, जिसका प्रस्ताव पहली बार मार्च 2023 में सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस पर रखा गया था। सीआईएसएफ, जो 68 नागरिक हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो और ताजमहल जैसी प्रतिष्ठित जगहों की सुरक्षा करता है, में पहले से ही महिला कर्मियों की तैनाती है। इस नई बटालियन का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त बनाना है।



