CG News : छत्तीसगढ़ में शादी अब बिना रजिस्ट्रेशन अधूरी, सरकार ने जारी किया सख़्त आदेश, इन दंपतियों के लिए होगा प्रभावी
- Rohit banchhor
- 17 Jan, 2026
नया नियम उन सभी दंपतियों पर लागू होगा, जिनका विवाह 29 जनवरी 2016 या उसके बाद संपन्न हुआ है।
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने विवाह को लेकर बड़ा और अहम फैसला लिया है। प्रदेश में अब शादी का पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी है। नया नियम उन सभी दंपतियों पर लागू होगा, जिनका विवाह 29 जनवरी 2016 या उसके बाद संपन्न हुआ है।
सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ आनंद विवाह पंजीयन नियम, 2016’ के तहत यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना रजिस्ट्रेशन के विवाह को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी। पंजीयन की प्रक्रिया वही अधिकारी पूरी करेंगे, जो पहले से ‘छत्तीसगढ़ विवाह का अनिवार्य पंजीयन नियम, 2006’ के अंतर्गत अधिकृत हैं।

बाल विवाह और फर्जी शादियों पर लगेगा ब्रेक-
सरकार का मानना है कि इस फैसले से बाल विवाह, फर्जी रिश्तों और धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी। हर विवाह का सरकारी रिकॉर्ड होने से सामाजिक पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
महिलाओं को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा-
विवाह पंजीयन को लेकर सरकार ने साफ किया है कि इसका सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को होगा। विवाह प्रमाणपत्र होने से भरण-पोषण, संपत्ति अधिकार, उत्तराधिकार, तलाक और घरेलू विवादों जैसे मामलों में महिलाओं की कानूनी स्थिति मजबूत होगी।
सरकारी कामों में भी बनेगा जरूरी दस्तावेज-
विवाह प्रमाणपत्र अब सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक दस्तावेज भी होगा। पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंकिंग और अन्य आधिकारिक प्रक्रियाओं में यह अनिवार्य भूमिका निभाएगा।
समय-सीमा में कराएं पंजीयन, वरना बढ़ सकती हैं दिक्कतें-
अधिसूचना में तय प्रक्रिया और समय-सीमा का पालन अनिवार्य बताया गया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने विवाह का पंजीयन संबंधित कार्यालय में कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

