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World Bank Global Economic Prospects Report: विश्व बैंक ने माना, FY26 में भारत रहेगा दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था, 7.2 प्रतिशत रहेगी GDP ग्रोथ, ट्रंप का टैरिफ बम फुस्स

विश्व बैंक ने अपनी ताज़ा ग्लोबल इकोनॉमिक प्रोस्पेक्ट्स रिपोर्ट में विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।

 World Bank Global Economic Prospects Report: नई दिल्ली। दुनिया के देशों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए जा रहे भारी टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है, वहीं विश्व बैंक ने अपनी ताज़ा ग्लोबल इकोनॉमिक प्रोस्पेक्ट्स रिपोर्ट में विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले जून 2025 में जारी अनुमान में भारत की विकास दर 6.3 प्रतिशत आंकी गई थी। इस तरह विश्व बैंक ने अपने अनुमान में 0.9 प्रतिशत अंकों की उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।


World Bank Global Economic Prospects Report: ट्रंप के टैरिफ फैसलों से बेअसर


रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और बढ़ गई है। इसके बावजूद विश्व बैंक का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विश्व बैंक के अनुसार, जहां चीन की आर्थिक विकास दर धीमी होकर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, वहीं भारत अपनी मजबूत रफ्तार बनाए रखेगा।


World Bank Global Economic Prospects Report: मजबूत घरेलू मांग बनी भारत की ताकत


रिपोर्ट में भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे कई अहम कारण गिनाए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख है मजबूत घरेलू मांग, जो वैश्विक झटकों के प्रभाव को काफी हद तक कम कर रही है। इसके अलावा सेवा क्षेत्र की लचीलापन और मजबूती, हालिया टैक्स सुधार और बढ़ता जीएसटी कलेक्शन, ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी और आय में सुधार से इकोनामी की नई रफ्तार दी है। ग्रामीण इलाकों में बढ़ी आय से उपभोग में इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय मांग को बल मिला है।


World Bank Global Economic Prospects Report: वैश्विक मंदी के दौर में भारत बना ब्राइट स्पॉट


विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं वैश्विक आर्थिक सुस्ती की चेतावनी दे रही हैं, वहीं भारत इस माहौल में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है। आईएमएफ और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) भी पहले ही भारत की आर्थिक सेहत को लेकर भरोसा जता चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यदि अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों का समाधान होता है, तो भारत की विकास दर मौजूदा अनुमानों से भी अधिक हो सकती है।

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