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Port Security: जहाजों-बंदरगाहों की सुरक्षा करने तैयार होगी नई सिक्योरिटी, IPS को कमान

Port Security: जहाजों-बंदरगाहों की सुरक्षा करने तैयार होगी नई सिक्योरिटी, IPS को कमान
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Port Security: नई दिल्ली। देश के बंदरगाहों और जहाजों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डेडिकेटेड ‘ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी’ (BOPS) के गठन पर चर्चा की और इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि देशभर के बंदरगाहों के लिए एक सुदृढ़ और आधुनिक सुरक्षा ढांचा समय की जरूरत है, जिसे जोखिम और क्षमता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

Port Security: अमित शाह ने निर्देश दिया कि बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था तय करते समय उनके व्यापारिक महत्व, भौगोलिक स्थिति और अन्य संबंधित मानकों को ध्यान में रखा जाए। बैठक में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री भी मौजूद रहे।

Port Security: नया ब्यूरो हाल ही में अधिनियमित मर्चेंट शिपिंग एक्ट, 2025 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में गठित किया जाएगा। यह केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्य करेगा और जहाजों व बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा से जुड़े नियामक व निरीक्षण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगा। इसका नेतृत्व एक महानिदेशक करेंगे।

Port Security: बीओपीएस की संरचना ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) की तर्ज पर होगी और इसका नेतृत्व एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करेंगे। शुरुआती संक्रमण काल में नौवहन महानिदेशक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। ब्यूरो साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए सुरक्षा सूचनाओं का विश्लेषण और आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा।

Port Security: बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था के आकलन और योजनाओं के लिए सीआईएसएफ को मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (RSO) बनाया गया है। साथ ही, निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण और प्रमाणन देने का जिम्मा भी सीआईएसएफ को सौंपा गया है, ताकि केवल लाइसेंस प्राप्त एजेंसियां ही बंदरगाह सुरक्षा में कार्य कर सकें।


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